मास्टर चैन्स एंड ज्वेल्स के 150 कर्मचारियों ने किए धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों के दर्शन, लग्जरी बस, एसी रेल यात्रा, आवास और भोजन की रही निःशुल्क व्यवस्था
बाली।पाली । प्रहलाद सिंह चारण
कर्मचारियों को परिवार का हिस्सा मानकर उनके प्रति स्नेह और सम्मान प्रकट करने की मिसाल पेश करते हुए मुंबई के जवेरी बाजार की प्रतिष्ठित कंपनी मास्टर चैन्स एंड ज्वेल्स के कोठारी परिवार ने लगभग 150 कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय निःशुल्क यात्रा प्रवास का आयोजन किया। इस यात्रा में जैन एवं अजैन समुदाय के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों के दर्शन किए। कंपनी के मालिक एवं मूलतः मुंडारा निवासी लालबाग संघवी मदनलाल सरदारमल कोठारी, श्रीमती तरुणाबेन कोठारी तथा कंपनी के डायरेक्टर राज कोठारी और खुश्बू कोठारी की ओर से आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य कर्मचारियों के साथ पारिवारिक जुड़ाव और आपसी सद्भाव को मजबूत करना रहा।
धार्मिक और दर्शनीय स्थलों का किया भ्रमण
तीन दिवसीय यात्रा के दौरान कर्मचारियों को श्री पालीताना शत्रुंजय गिरिराज, मणिलक्ष्मी जैन तीर्थ, बोटाद जैन तीर्थ, श्री सारंगपुर कष्टभंजन हनुमान मंदिर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण कराया गया। यात्रा के दौरान कर्मचारियों ने धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने के साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी आनंद लिया।
रेल यात्रा से लेकर आवास और भोजन तक की व्यवस्था
कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुंबई से आने-जाने के लिए 3-टियर एसी कोच में आरक्षित रेल यात्रा की व्यवस्था की गई। स्थानीय आवागमन के लिए 2×2 लग्जरी एसी बसें उपलब्ध करवाई गईं। इसके साथ ही एसी कमरों में ठहरने और उत्तम खान-पान की व्यवस्था भी निःशुल्क रही।यात्रा को यादगार बनाने के लिए प्रत्येक सहभागी को किट बैग, लगेज बैग और तीन टी-शर्ट प्रदान की गईं। कर्मचारियों के परिवारजनों के लिए मिठाई और नमकीन के बॉक्स भी भेंट किए गए।
हसमुख कुमार जैन ने संभाली यात्रा की व्यवस्था
संपूर्ण यात्रा की व्यवस्थाओं का दायित्व देसूरी निवासी हसमुख कुमारजी शांतिलालजी जैन (फागणिया) ने निःस्वार्थ भाव से संभाला। यात्रा के सफल आयोजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यात्रा से अभिभूत कर्मचारियों ने कोठारी परिवार का भावपूर्ण बहुमान कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कर्मचारियों ने इस आयोजन को परिवार के साथ जुड़ाव और आपसी स्नेह को मजबूत करने वाला यादगार अनुभव बताया।
अजैन कर्मचारियों ने भी जानी जैन परंपराएं
यात्रा के दौरान विशेष रूप से अजैन कर्मचारियों ने जैन धर्म की परंपराओं के प्रति रुचि और जागरूकता दिखाई। उन्होंने तीर्थ स्थलों पर शाम को चौविहार किया तथा सुबह नवकारसी में भाग लिया। इस पहल को विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान, सद्भाव और सांस्कृतिक समझ का उदाहरण माना गया।













