Advertisement
Home राजस्थान झुंझुनूं ‘न्याय टेबल’ पर मिलेगा त्वरित न्याय , 24 से 72 घंटे में...

‘न्याय टेबल’ पर मिलेगा त्वरित न्याय , 24 से 72 घंटे में राहत की पहल

झुंझुनूं जिला उपभोक्ता आयोग में राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत ‘न्याय टेबल’ और प्री-काउंसलिंग की पहल

राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत उपभोक्ता आयोग में मंगलवार से प्री-काउंसलिंग , आपसी सहमति से लंबित परिवादों के निस्तारण का अवसर

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
लंबी मुकदमेबाजी, समय और खर्च से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की पहल शुरू होने जा रही है। जिला उपभोक्ता आयोग, झुंझुनूं में मंगलवार से एक बार फिर ‘न्याय टेबल’ शुरू की जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत लंबित उपभोक्ता परिवादों के निस्तारण के लिए आयोजित होने वाली इस प्री-काउंसलिंग में परिवादी और संबंधित सेवा प्रदाता आमने-सामने बैठकर आपसी समझाइश एवं सहमति से विवाद का समाधान तलाश सकेंगे। सहमति बनने पर प्रकरण का लोक अदालत की भावना के अनुरूप निस्तारण किया जा सकेगा।

मील की पहल से मुकदमेबाजी के बजाय समाधान पर जोर

उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील की पहल पर शुरू की गई न्याय टेबल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाकर सरल, सहज, प्रभावी और समयबद्ध न्याय उपलब्ध करवाना है। विगत वर्ष राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान लंबित उपभोक्ता प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए शुरू किए गए इस नवाचार से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को राहत मिली थी। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए फिर से न्याय टेबल शुरू की जा रही है। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर मंगलवार से उपभोक्ता आयोग परिसर में प्री-काउंसलिंग शुरू होगी। इसमें संबंधित उपभोक्ता और सेवा प्रदाता अपने-अपने पक्ष रख सकेंगे। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने पर विवाद को समझौते के आधार पर निस्तारित करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। इससे पक्षकारों को वर्षों तक चलने वाली मुकदमेबाजी से बचने के साथ ही समय, धन और संसाधनों की बचत का लाभ मिलेगा। आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि न्याय टेबल के माध्यम से पीड़ित उपभोक्ताओं को 24 से 72 घंटे की अल्प अवधि में त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध करवाने की सकारात्मक पहल को धरातल पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून की मूल भावना ही उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय उपलब्ध करवाना है और न्याय टेबल इसी भावना को प्रभावी रूप से साकार करने का प्रयास है। मील ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से निस्तारित मामलों में सामान्यत आगे अपील का प्रावधान नहीं होता। ऐसे में समझौते के आधार पर प्रकरण का अंतिम रूप से निस्तारण हो जाता है और पक्षकारों को उसी विवाद को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जाने की आवश्यकता नहीं रहती।

आमजन से की लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील

आयोग अध्यक्ष मील ने आमजन से अपील की है कि जिन उपभोक्ता प्रकरणों में आपसी सहमति से समाधान की संभावना है, उनमें राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवाद का निस्तारण करवाने की पहल करें। इससे पक्षकारों को शीघ्र राहत मिलने के साथ न्यायिक व्यवस्था पर लंबित मुकदमों का बोझ भी कम होगा। ‘न्याय टेबल’ का संदेश साफ है—सरल प्रक्रिया, आपसी सहमति और त्वरित समाधान। उपभोक्ताओं को लंबे समय तक मुकदमेबाजी में समय और धन खर्च करने के बजाय सम्मानजनक एवं समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराने की यह पहल उपभोक्ता न्याय व्यवस्था में भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Advertisement