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Home राजस्थान झुंझुनूं अब बिना एफएसएसएआई लाइसेंस नहीं बनेगा शादी-ब्याह का खाना

अब बिना एफएसएसएआई लाइसेंस नहीं बनेगा शादी-ब्याह का खाना

झुंझुनूं में स्वास्थ्य विभाग की सख्ती: बिना पंजीकरण हलवाई-कैटरर्स पर होगी कार्रवाई, आयोजकों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
शादी-विवाह, मेले, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक भोज में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बड़ी पहल की है। अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ( एफएसएसएआई ) का वैध लाइसेंस या पंजीकरण नहीं होने पर कोई भी हलवाई, वेंडर या कैटरिंग व्यवसायी भोजन तैयार नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आयोजनकर्ताओं की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार जिले में खानपान का व्यवसाय करने वाले सभी हलवाई, वेंडर और कैटरिंग संचालकों के पास एफएसएसएआई का वैध लाइसेंस अथवा पंजीकरण होना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण खाद्य सामग्री तैयार करना या परोसना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। नई व्यवस्था के तहत अब शादी, धार्मिक अनुष्ठान, सामाजिक भोज और अन्य बड़े आयोजनों के आयोजकों को भी कार्यक्रम से पूर्व खाद्य सुरक्षा विभाग को आयोजन की सूचना देनी होगी। साथ ही संबंधित हलवाई या कैटरर का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराना होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर विभाग निगरानी और निरीक्षण कर सके। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किसी भी समय आयोजन स्थल पर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे। यदि मौके पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित कैटरर के साथ-साथ आयोजकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही जिलेभर में विशेष वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू करेगा। अभियान के दौरान सभी हलवाइयों, वेंडरों और कैटरिंग व्यवसायियों के लाइसेंस, पंजीकरण एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। बिना लाइसेंस संचालन करने वाले तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि बड़े आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर शिकायतें प्राप्त होती रही हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग जैसी घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना, मिलावट और लापरवाही पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी हलवाई, वेंडर, कैटरिंग संचालकों और आयोजनकर्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि जिले में सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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