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Home राजस्थान झुंझुनूं मौत बनकर दौड़ रहे स्कूल वाहन!

मौत बनकर दौड़ रहे स्कूल वाहन!

सिंघाना में बच्चों से भरी वैन धू-धू कर जली, अब भी नहीं जागा प्रशासन, ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा,
झुंझुनूं जिले में फिटनेस विहीन स्कूल वाहनों पर उठे गंभीर सवाल ! अभिभावकों की सुरक्षा से कब तक होगा खिलवाड़?

सिंघाना।झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
झुंझुनूं जिले के सिंघाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह स्कूली बच्चों को लेकर आ रही एक वैन में अचानक आग लगने की घटना ने पूरे जिले की स्कूल परिवहन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यदि चालक ने समय रहते सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी। इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर बच्चों की सुरक्षा के मामले में जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉपर क्षेत्र से सिंघाना स्थित एक निजी प्ले स्कूल के बच्चों को लेकर आ रही वैन में कंचनिया की ढाणी के पास गियर के समीप अचानक चिंगारी उठी। चालक कैलाश चंद ने तत्काल वाहन रोककर 8 से 10 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही क्षणों में पूरी वैन आग की लपटों में घिर गई और देखते ही देखते पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलने पर खेतड़ी नगरपालिका तथा एचसीएल की दमकल मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे सुरक्षित रहे। फायरमैन महेश चंद ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था।

एक घटना ने खोली पूरे जिले की व्यवस्था की पोल

सिंघाना की यह घटना केवल एक वाहन में लगी आग नहीं, बल्कि झुंझुनूं जिले में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता का विषय बनकर सामने आई है। अभिभावकों का कहना है कि जिले के अनेक स्कूलों में संचालित वाहनों की फिटनेस, नियमित तकनीकी जांच, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों की प्रभावी निगरानी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यदि किसी वाहन में तकनीकी खराबी समय रहते सामने नहीं आती या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं गंभीर परिणाम भी ला सकती हैं। इसलिए पूरे जिले में स्कूल वाहनों की व्यापक जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

सिंघाना जैसा बड़ा कस्बा, फिर भी दमकल सुविधा नहीं

घटना के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी कि सिंघाना जैसे बड़े कस्बे में आज तक स्थायी दमकल वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकी। ग्रामीण रामावतार सैनी ने कहा कि क्षेत्र में समय-समय पर आगजनी की घटनाएं होती रहती हैं, फिर भी स्थानीय स्तर पर दमकल सुविधा उपलब्ध नहीं होना चिंता का विषय है। लोगों ने सरकार से स्थायी फायर स्टेशन एवं दमकल वाहन उपलब्ध कराने की मांग की।

जिलेभर में विशेष अभियान चलाने की उठी मांग

घटना के बाद सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि झुंझुनूं जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में संचालित स्कूल वाहनों की विशेष संयुक्त जांच कराई जाए। इसमें फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, सीसीटीवी, जीपीएस, चालक की पात्रता तथा सुरक्षा मानकों की बिंदुवार जांच की जाए। जो वाहन निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।

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