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पहचान की राजनीति के खिलाफ वर्ग आधारित जनसंघर्ष तेज करेगी माकपा : वृंदा करात

झुंझुनूं में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न, सांसद अमराराम ने भाजपा सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार को झुंझुनूं के कॉमरेड हेतराम बेनीवाल नगर, अंबेडकर भवन में संपन्न हो गया। शिविर के समापन अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय नेताओं ने देश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तार से विचार रखते हुए कार्यकर्ताओं को वैचारिक दिशा प्रदान की। माकपा के जिला सचिव राजेश बिजारणिया ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन प्रथम सत्र की अध्यक्षता कॉमरेड फूलचंद बर्बर ने की। सत्र में पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने ‘पहचान की राजनीति और सामाजिक प्रश्न : धर्म, जाति एवं लिंग’ विषय पर व्याख्यान दिया। वृंदा करात ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद संघ और भाजपा ने पहचान आधारित राजनीति को बढ़ावा देकर समाज में विभाजन की स्थिति पैदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जाति, धर्म और लिंग के आधार पर लोगों को बांटकर वर्ग आधारित आंदोलनों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माकपा समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा झेले जा रहे जातीय, सामाजिक और लैंगिक उत्पीड़न के मुद्दों को वर्ग संघर्ष के साथ जोड़कर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साम्राज्यवादी शक्तियां राष्ट्र और वर्ग जैसी मूल सामाजिक इकाइयों को कमजोर कर संकीर्ण पहचान आधारित लामबंदी को बढ़ावा दे रही हैं। इसके चलते राष्ट्रीयकरण की बजाय निजीकरण को बढ़ावा मिला है और रोजगार के अवसर सीमित होते जा रहे हैं। उन्होंने दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के उत्थान के लिए एकीकृत एवं व्यापक संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया। वृंदा करात ने कहा कि धार्मिक आस्था, पूजा और अंतरात्मा की स्वतंत्रता प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है तथा इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की जरूरत बताते हुए कहा कि समाज को अंधविश्वास और धार्मिक आडंबरों से मुक्त करने के लिए तर्कशील सोच का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें तथा वैज्ञानिक सोच को अपनाएं।

जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष की जरूरत : सांसद अमराराम

प्रशिक्षण शिविर के दूसरे सत्र में सीकर सांसद अमराराम ने ‘वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां और पार्टी की भूमिका’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग किया जा रहा है। अमराराम ने कहा कि एक ओर बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है और लोगों की बचत लगातार कम होती जा रही है। उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके माध्यम से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में राजस्थान सहित पूरे देश में आम जनता को संगठित कर व्यापक जनसंघर्ष खड़ा करने की आवश्यकता है। प्रशिक्षण शिविर के समापन पर पार्टी नेताओं ने संगठन विस्तार, जनसरोकारों के मुद्दों को मजबूती से उठाने तथा आगामी आंदोलनों की रूपरेखा पर भी चर्चा की। शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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