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“अंग्रेज अफसर आपसे बेहतर थे…”: पूर्व मंत्री गुढ़ा ने सीकर कलेक्टर को लगाई फटकार

नीट छात्र प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले, पिता बोले- अधिकारियों ने दी धमकी

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़े छात्र प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर तूल पकड़ लिया है। रविवार शाम पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे, जहां उन्होंने सीकर जिला कलेक्टर को फोन कर प्रशासनिक संवेदनहीनता पर तीखे सवाल उठाए। बातचीत के दौरान गुढ़ा ने यहां तक कह दिया कि “अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे।” गुढ़ा ने कलेक्टर से फोन पर कहा कि नीट पेपर लीक और छात्र की आत्महत्या के कारण सीकर पूरे देश में चर्चा में है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक परिवार को सांत्वना देने तक की पहल नहीं की गई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि “आप जिला कलेक्टर होकर भी परिवार से मिलने नहीं आए। अधिकारियों के अंदर संवेदना खत्म हो चुकी है।”

“पॉलिटिकल टूरिज्म चल रहा है, प्रशासन गायब”

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मामले में राजनीतिक हलचल तो खूब हो रही है, लेकिन प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि मौके पर एक पटवारी तक नहीं पहुंचा और परिवार को उल्टा प्रताड़ित किया गया।
फोन पर जिला कलेक्टर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन के अधिकारी लगातार परिवार के संपर्क में थे और हर स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। इस पर गुढ़ा ने परिवार की मौजूदगी में अधिकारियों पर गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए कलेक्टर को कटघरे में खड़ा किया।

पिता का आरोप- “जांच घर से शुरू करवाने की धमकी दी”

बातचीत के दौरान गुढ़ा ने फोन मृतक छात्र के पिता को सौंप दिया। पिता ने भावुक होकर आरोप लगाया कि अधिकारी सुनील जांगिड़ और राजेश बुड़ानिया ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़ित पिता ने कहा, “राजेश बुड़ानिया ने कहा था कि तेरी जांच तेरे घर से शुरू करवा दूंगा। हमें लगातार दबाव और धमकियां दी गईं।”

सीकर कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

परिवार की शिकायत सुनने के बाद जिला कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल से कर रहा था नीट की तैयारी

मृतक प्रदीप मेघवाल झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र स्थित कनिका की ढाणी बाड्या नाला गांव का रहने वाला था। वह पिछले तीन वर्षों से सीकर में रहकर नीट – यूजी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 3 मई को हुई परीक्षा के बाद उसने परिवार को करीब 650 अंक आने की उम्मीद जताई थी, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगा।
15 मई को सीकर स्थित किराए के कमरे में उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी बहनें कमरे में ही मौजूद थीं। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

“बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए घर तक नहीं बनाया”

प्रदीप के पिता राजेश कुमार ने बताया कि बेटे की पढ़ाई पर परिवार ने 8 से 11 लाख रुपए तक खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि बेटे को डॉक्टर बनाने के सपने में परिवार ने अपना घर तक नहीं बनवाया, लेकिन पेपर लीक विवाद ने उनके बेटे को भीतर से तोड़ दिया।

रीट पेपर लीक का भी किया जिक्र

राजेंद्र गुढ़ा ने बातचीत में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए रीट पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय परीक्षा रद्द करने में महीनों लग गए थे, जबकि मौजूदा सरकार ने कुछ ही दिनों में कार्रवाई शुरू कर गिरफ्तारियां कीं। हालांकि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवेदनशीलता का अभाव पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है।

“कलेक्टर खुद जाएं और परिवार के आंसू पोंछें”

बातचीत के अंत में गुढ़ा ने सीकर कलेक्टर से कहा कि केवल जांच का भरोसा देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि जिला कलेक्टर स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचें, परिवार को सांत्वना दें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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