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Home राजस्थान झुंझुनूं पेपर लीक के साये में उजड़ा एक और घर

पेपर लीक के साये में उजड़ा एक और घर

22 वर्षीय प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या से मचा हड़कंप, राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से की बात, न्याय का भरोसा, “सपनों की उड़ान टूटी, सिस्टम की साख पर फिर सवाल” — नीट विवाद के बीच छात्र की मौत से गहराया आक्रोश

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और उससे उपजे तनाव के बीच 22 वर्षीय छात्र प्रदीप मेघवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला अब केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव पर गंभीर सवाल बनकर सामने आया है। इस घटना के बाद राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कांग्रेस नेता एवं सांसद राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद व न्याय का भरोसा दिलाया।

“बेटे को पूरा भरोसा था चयन हो जाएगा”

परिवार का दर्द छलका – परिजनों के अनुसार प्रदीप पिछले तीन वर्षों से सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था और इस बार उसे अपने चयन का पूरा विश्वास था। पिता ने बताया कि परीक्षा देने के बाद उसने कहा था कि इस बार उसका सिलेक्शन लगभग तय है। लेकिन परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक की खबरों के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया और कुछ ही दिनों बाद उसने यह दर्दनाक कदम उठा लिया।

फोन पर रो पड़ी मां, टूटा परिवार

फोन पर राहुल गांधी से बातचीत के दौरान छात्र की मां भावुक होकर रो पड़ीं और कहा कि उनका इकलौता बेटा तीन बहनों के बीच घर का सहारा था, जो अब हमेशा के लिए खत्म हो गया। परिवार ने कहा कि अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा। राहुल गांधी ने कहा— “यह बहुत दुखद घटना है, हम उन्हें वापस नहीं ला सकते, लेकिन यदि किसी तरह की मदद या न्याय में सहयोग संभव है तो बताइए।”

11 लाख का कर्ज और उजड़ा भविष्य

परिजनों ने बताया कि बेटे की पढ़ाई के लिए परिवार ने करीब 11 लाख रूपये का कर्ज लिया था और जमीन तक बेच दी थी। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और परिवार कठिन हालात में जीवन यापन कर रहा था।

परिवार का ऐलान — “न्याय मिलने तक अस्थियां नहीं होंगी विसर्जित”

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। पिता राजेश कुमार ने साफ कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक प्रदीप की अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। परिजनों का आरोप है कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं ने उनके बेटे का भविष्य छीन लिया। प्रदीप मेघवाल झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र का निवासी था। वह तीन वर्षों से सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था और एक कोचिंग संस्थान से जुड़ा हुआ था। 3 मई को परीक्षा देने के बाद उसे अच्छे अंकों की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द और पेपर लीक विवाद की खबरों के बाद वह मानसिक तनाव में चला गया। 15 मई को उसने अपने किराए के कमरे में आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी एक बहन कोचिंग गई हुई थी जबकि दूसरी कमरे में मौजूद थी।यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव, कथित अनियमितताओं और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता का संकेत है।

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