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वर्षों पुराने भूमि विवाद का समझाइश से हुआ समाधान, स्कूल की चारदीवारी का रास्ता साफ

खेतड़ी के बांसियाल स्थित शहीद महावीर प्रसाद गुर्जर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में चारदीवारी निर्माण के लिए सहयोग देने वाले भामाशाहों का सम्मान

बांसियाल में भामाशाहों ने विद्यालय के नाम की जमीन , चारदीवारी निर्माण के लिए लाखों का जुटा सहयोग , दानदाताओं का किया सम्मान

खेतड़ी। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
आपसी समझाइश, सहमति और भामाशाहों के सहयोग से वर्षों पुराने भूमि विवाद का समाधान हो गया। खेतड़ी उपखंड के बांसियाल स्थित शहीद महावीर प्रसाद गुर्जर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पीछे स्थित भूमि को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद स्कूल प्रशासन की पहल पर सुलझ गया। विवाद का समाधान होने के बाद विद्यालय की चारदीवारी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही लंबे समय से लंबित निर्माण कार्य भी आगे बढ़ सका है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपचंद छावड़ी ने बताया कि विद्यालय के पीछे स्थित भूमि को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। स्कूल स्टाफ के सहयोग और आपसी समझाइश से संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनी और मामले का समाधान हो गया। इसके बाद भामाशाह हेमराज और सुरेश खटाणा ने भूमि विद्यालय के नाम कर दी। साथ ही चारदीवारी निर्माण के लिए 21 हजार रूपये का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।

विद्यालय की चारदीवारी निर्माण के लिए ग्रामीणों और भामाशाहों ने आर्थिक सहयोग देकर सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की। सहयोग देने वालों में प्रकाश बरवड़ ने 21 हजार रूपये, मदनलाल बोहरा और रघुवीर सिंह कटारिया ने 11-11 हजार रूपये, युवा टीम के अशोक खटाणा, जगत खटाणा और सुरेंद्र खटाणा ने 11 हजार रूपये तथा विजय योगी और फतेह सिंह कटारिया ने 5,100-5,100 रूपये का सहयोग दिया। प्रधानाचार्य दीपचंद छावड़ी ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी निर्माण कार्य शुरू करवाने में पूरनमल कसाना, अशोक खटाणा, छात्रसंघ उपाध्यक्ष जगत खटाणा, समाजसेवी सुरेंद्र खटाणा और सुदेश खटाणा का विशेष योगदान रहा।

ग्रामीणों और भामाशाहों के सामूहिक प्रयासों से विद्यालय में लंबे समय से लंबित चारदीवारी निर्माण कार्य शुरू हो सका। इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने कहा कि सरकारी संस्थाओं के विकास और जीर्णोद्धार में भामाशाहों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। समाज के सक्षम लोगों को शिक्षा संस्थानों के विकास में आगे आना चाहिए। सरकारी संस्थाओं के उत्थान में योगदान देने वाले भामाशाहों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित करना भी जरूरी है, ताकि दूसरे लोग भी जनहित के कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित हों।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय स्टाफ की ओर से सहयोग करने वाले भामाशाहों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस मौके पर उपप्रधानाचार्य राजेंद्र, शक्तिसिंह, सत्यपाल, अनिल, धर्मवीर, शीशराम, विक्रम, विश्वप्रकाश, सोहनलाल, धर्मपाल, आनंद कुमार, विजय योगी, प्रकाश बरवड़, सुनील कुमार और रघुवीर सिंह कटारिया सहित अन्य ग्रामीण एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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