मेहाड़ा थाना पुलिस की कार्रवाई – झूठा प्रकरण पाए जाने पर न्यायालय ने 1,000 रूपए के अर्थदंड से किया दंडित, भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने की दी हिदायत

खेतड़ी ।झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर कानून का दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रूख अपनाया है। मेहाड़ा थाना क्षेत्र में देवर के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करवाने वाली परिवादिया को माननीय न्यायालय ने दोषी मानते हुए 1,000 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने परिवादिया को भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं करने की हिदायत भी दी। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा खेतड़ी वृत्ताधिकारी राजेन्द्र कुमार बुरड़क के सुपरविजन में मेहाड़ा थानाधिकारी रामनारायण चोयल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त 2025 को लाली देवी पत्नी बलबीर निवासी मेहाड़ा गुर्जरवास, जिला झुंझुनूं ने अपने देवर सुनील बहार के खिलाफ मारपीट करने की रिपोर्ट पुलिस थाना मेहाड़ा में पेश की थी। इस पर पुलिस ने प्रकरण संख्या 147/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 115(2), 126(2) एवं 332(सी) में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। अनुसंधान के दौरान प्रकरण झूठा पाए जाने पर पुलिस ने परिवादिया लाली देवी के विरूद्ध माननीय न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने परिवादिया को दोषी मानते हुए 1,000 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने की हिदायत दी। पुलिस ने बताया कि झूठी शिकायतें दर्ज करवाना कानून का दुरूपयोग है। इससे पुलिस का समय और संसाधन अनावश्यक रूप से खर्च होते हैं। साथ ही वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार झूठे प्रकरण दर्ज करवाने वालों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून का दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने और वास्तविक पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ऐसे मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।












