लोक संस्कृति और संविधान के मूल्यों का दिया संदेश, लोकनृत्य व लोकगीतों ने बांधा समां
चूरू। लोहिया महाविद्यालय, चूरू में रविवार को ‘लोकमंथन–हम भारत के लोग’ विषय पर आयोजित यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, प्राचीन परंपराओं, लोक कलाओं और देश की विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। विभिन्न संगठनों और कलाकारों ने लोकनृत्य, लोकगीत, बात पोसी सहित अनेक लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को जीवंत किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजू शर्मा ने की। इस अवसर पर लोकमंथन यात्रा के संयोजक सत्यनारायण तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री का सानिध्य रहा।
संविधान की शपथ और युवाओं से संवाद
कार्यक्रम के दौरान भारतीय संविधान की शपथ, संविधान पर संवाद और युवाओं के साथ संवाद सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। वक्ताओं ने ‘हम भारत के लोग’ की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय चेतना के महत्व पर विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविधता में एकता और लोकतांत्रिक परंपराओं से जुड़ी है। इन मूल्यों को समझना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना वर्तमान समय की आवश्यकता है।
विभिन्न संगठनों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के उच्च शिक्षा एवं विद्यालय शिक्षा प्रकोष्ठ, विद्या भारती, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, संस्कृत भारती और साहित्य परिषद सहित विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।इसके अलावा श्री हेरिटेज बाग एवं देव दर्शन से जुड़े प्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने किया। समापन अवसर पर अतिथियों ने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और संविधान में निहित मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान भी किया गया।













