डॉ. शिवप्रसाद खेदड़ बने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मनोचिकित्सा विभाग के एचओडी
2014 से एलएचएमसी में दे रहे सेवाएं, मनोचिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य व शोध के लिए मिल चुके हैं प्रतिष्ठित सम्मान; ग्रामीण बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में भी परिवार की अहम भूमिका
कोलसिया । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
झुंझुनूं जिले के कोलसिया स्थित खेदड़ों की ढाणी के निवासी और देश के जाने-माने मनोचिकित्सक डॉ. शिवप्रसाद खेदड़ को नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) के मनोचिकित्सा विभाग का प्रमुख (एचओडी) नियुक्त किया गया है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तक पहुंचने पर क्षेत्र में खुशी की लहर है।
डॉ. खेदड़ वर्ष 2014 से लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनोचिकित्सा के क्षेत्र में उनके अनुभव, नैदानिक सेवाओं, शोध कार्य और शैक्षणिक योगदान को देखते हुए उन्हें विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डॉ. खेदड़ को देश के ख्यातनाम मनोचिकित्सकों में गिना जाता है। मरीजों के प्रति उनकी व्यवहार-कुशलता, सहजता, नम्रता और अपनत्व के कारण वे विशेष पहचान रखते हैं। एलएचएमसी के मनोचिकित्सा विभाग में ओपीडी सेवाओं, इंडोर बेड तथा पीजी सीटों के विस्तार में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मनोचिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं और शोध पहलों के लिए उन्हें प्रतिष्ठित जीसी बोराल पुरस्कार एवं डॉ. ए.के. कला पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
वे अस्पताल की सीडब्ल्यूडी समिति के उपाध्यक्ष भी हैं। इसके अलावा यूपीएससी, ईएसआईसी और एलएचएमसी सहित विभिन्न प्रतिष्ठित चयन आयोगों के चयन बोर्ड पैनल में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। न
ई जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. शिवप्रसाद खेदड़ ने कहा कि वे विभागाध्यक्ष के रूप में सामने आई नई चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उत्कृष्ट नैदानिक देखभाल, मरीजों की बेहतर सेवा और मनोचिकित्सा प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे। एलएचएमसी में मनोचिकित्सा के प्रशिक्षण के लिए मानकीकृत शिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के साथ विभाग के विकास के नए आयाम स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. शिवप्रसाद खेदड़ का जन्म झुंझुनूं जिले के खेदड़ों की ढाणी, तन कोलसिया गांव में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी ग्रामीण क्षेत्र में हुई। उन्होंने एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर से एमबीबीएस एवं एमडी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद पीजीआईएमईआर, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली में रेजिडेंट के रूप में सेवाएं दीं। उनकी प्रथम नियुक्ति मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली में हुई।
बालिका शिक्षा और ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए परिवार का योगदान
डॉ. खेदड़ का परिवार ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भी उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उनके ताऊ रामचन्द्र खेदड़ एवं पिता शिशुपाल खेदड़ ने अपने पिता शिवनारायण खेदड़ की स्मृति में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं की शिक्षा के लिए विद्यालय भवन बनवाकर सरकार को सुपुर्द किया था। वर्तमान में यह विद्यालय उच्च माध्यमिक स्तर पर विज्ञान एवं कला संकाय के साथ संचालित है। विद्यालय के भौतिक एवं शैक्षिक विकास में डॉ. खेदड़ और उनका परिवार आज भी प्रमुख भामाशाह की भूमिका निभा रहा है।
इसी क्रम में डॉ. खेदड़ ने अपनी माता स्वर्गीय परमेश्वरी देवी की स्मृति में अपने गांव में अस्पताल निर्माण की पहल की है। इसके लिए परिवार की ओर से भूमि दान किया गया है तथा भवन निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त यह अस्पताल तैयार होने के बाद क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा व शिक्षा जगत ने जताई खुशी
डॉ. शिवप्रसाद खेदड़ के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मनोचिकित्सा विभाग के एचओडी बनने पर कमलेश तेतरवाल एपीसी समग्र शिक्षा, डॉ. अशोक चौधरी, डॉ. अर्षा चौधरी (आस्था अस्पताल, झुंझुनूं ), राजेश कुलहरि (भारत गैस, मंडावा), महेश कुलहरि (बीकानेर), डॉ. संजीव राहड़ (आईमैक्स अस्पताल, सीकर), डॉ. डीपी चौधरी (नोबल केयर अस्पताल) तथा डॉ. विजय फगेड़िया (नीरजा अस्पताल) सहित चिकित्सा एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।













