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झुंझुनूं नगर निकाय चुनाव 2026: फर्जी वोटिंग के आरोप, मारपीट और EVM विवाद

झुंझुनूं नगर निकाय चुनाव 2026 के दौरान मतदान केंद्र पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी

फर्जी वोटिंग के आरोप से लेकर मारपीट और ईवीएम विवाद तक गरमाया माहौल, बीएलओ हटाए गए; वार्ड 49 में शिकायत के बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के प्रथम चरण में बुधवार को झुंझुनूं नगर परिषद सहित जिले की 9 नगरीय निकायों में मतदान हुआ। मतदाताओं ने उत्साह के साथ लोकतंत्र के महापर्व में भाग लिया, लेकिन कई मतदान केंद्रों पर फर्जी मतदान के आरोप, मारपीट, हंगामा, एजेंट को हटाने, बीएलओ पर मतदान प्रभावित करने के आरोप और ईवीएम में तकनीकी खराबी जैसी घटनाओं ने चुनावी माहौल को गर्माए रखा। प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी के बीच विवादित एवं संवेदनशील बूथों पर तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

वार्ड 35 में फर्जी वोटिंग के आरोप, माकपा नेता का पुलिस से तीखा विरोध

झुंझुनूं नगर परिषद के वार्ड 35 में मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग के आरोप को लेकर हंगामा हो गया। माकपा प्रत्याशी की ओर से फर्जी मतदान कराने तथा मतदान केंद्र के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी पर कथित रूप से सहयोग करने के आरोप लगाए गए। इसके बाद प्रत्याशी समर्थक विरोध में उतर आए और मौके पर बहस की स्थिति बन गई। इसी दौरान पुलिस ने माकपा नेता महिपाल पूनियां को वाहन में बैठाने का प्रयास किया। महिपाल पूनियां ने इसका विरोध करते हुए पुलिस के सामने नाराजगी जताई। इसके बाद पुलिस और प्रत्याशी समर्थकों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस हुई। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से समझाइश कर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में मतदान केंद्र पर मतदान सामान्य रूप से जारी रहा।

पार्षद प्रत्याशी के पति से मारपीट, कपड़े फाड़ने का आरोप

मतदान के दौरान एक अन्य घटनाक्रम में पार्षद प्रत्याशी के पति के साथ मारपीट और कपड़े फाड़े जाने का आरोप सामने आया। घटना के बाद मतदान केंद्र के आसपास तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति संभाली। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

वार्ड 18 में बीएलओ पर मतदान प्रभावित करने का आरोप, मोबाइल जब्त

नगर परिषद के वार्ड 18 के बूथ नंबर 24 पर बीएलओ पर मतदान प्रभावित करने के आरोप लगे। निर्दलीय प्रत्याशी सहीराम बराला की शिकायत पर निर्वाचन टीम ने बीएलओ का मोबाइल जब्त कर उसे बूथ से हटा दिया। आरओ रामकरण सिंह के निर्देश पर हुई कार्रवाई के दौरान शिकायत में बीएलओ पर प्रत्याशियों के साथ मिलकर मतदान प्रभावित करने तथा एक पार्टी प्रत्याशी का फोन अटेंड करने के आरोप लगाए गए। शिकायत मिलने के बाद निर्वाचन टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

वार्ड 49 में ईवीएम विवाद, शिकायत के बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त

झुंझुनूं नगर परिषद के वार्ड 49 में ईवीएम को लेकर शिकायत ने मतदान व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। वार्ड की मतदाता अंजलि ने शिकायत दी कि मतदान केंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी सुशीला ने मदद करने के बहाने उनकी इच्छा के विरुद्ध ईवीएम का बटन दबा दिया। शिकायत सामने आते ही जिला निर्वाचन अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सतीश कुमार शर्मा को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। वहीं स्वास्थ्यकर्मी सुशीला को मतदान केंद्र से हटा दिया गया। मामले की सूचना मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई। इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिकायत सामने आने पर प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया और व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम उठाया।

वार्ड 2 में फर्जी मतदान के आरोप, तीन युवक हिरासत में

नोबल पब्लिक स्कूल स्थित वार्ड नंबर 2 के बूथ पर फर्जी मतदान के आरोप को लेकर हंगामा हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीन युवकों को हिरासत में लिया। वहीं वार्ड नंबर 11 में दूसरे वार्ड का एजेंट मिलने पर उसे मतदान केंद्र से बाहर कर दिया गया।

ईवीएम में तकनीकी खराबी से मतदान प्रभावित

मतदान के दौरान झुंझुनूं के वार्ड 53, 19 और 31 के बूथ नंबर 45 तथा बगड़ के बूथ नंबर 9 और 17 पर ईवीएम में तकनीकी खराबी सामने आई। निर्वाचन टीम ने संबंधित मशीनों को बदलवाया, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।

विधायक ने किया मतदान, भाजपा बोर्ड का दावा

झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने वार्ड नंबर 47 में मतदान किया। मतदान के बाद उन्होंने नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड बनने का दावा किया। वहीं निवर्तमान सभापति नगमा बानो ने वार्ड नंबर 38 के न्यू गेस्ट हाउस मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

एसपी कावेंद्र सिंह सागर का सख्त संदेश : कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर एसपी कावेंद्र सिंह सागर खुद मैदान में नजर आए। विवाद की सूचना वाले मतदान केंद्रों को प्राथमिकता देते हुए पुलिस टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। एसपी सागर ने स्पष्ट संदेश दिया कि मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या चुनावी माहौल खराब करने की कोशिश किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

क्यूआरटी और आरएसी के साथ वार्डों में पहुंचे एसपी

एसपी कावेंद्र सिंह सागर क्यूआरटी की दो गाड़ियों और एक आरएसी वैन सहित पुलिस जवानों के साथ मतदान क्षेत्रों के विभिन्न वार्डों में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस बल की मौजूदगी से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नजर आई। इसके बाद पुलिस टीम ने वार्ड नंबर 1 के भूरासर गांव स्थित मतदान केंद्र का भी निरीक्षण किया। मतदान कर चुके मतदाताओं को मतदान केंद्र से दूर भेजा गया, ताकि बूथ के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा नहीं हो।

मतदान के साथ चढ़ा सियासी तापमान

प्रथम चरण में जिलेभर में मतदान का प्रतिशत जहां मतदाताओं के उत्साह को दर्शाता रहा, वहीं विवादित बूथों की घटनाओं ने चुनावी मुकाबले की गर्मी भी सामने ला दी। कहीं फर्जी मतदान के आरोप लगे तो कहीं बीएलओ की भूमिका पर सवाल उठे। कहीं मारपीट और हंगामे की स्थिति बनी तो कहीं ईवीएम की तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रभावित हुआ। हालांकि, निर्वाचन प्रशासन और पुलिस ने शिकायतों तथा विवादों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मतदान प्रक्रिया को पटरी पर बनाए रखा। वार्ड 49 में शिकायत के बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति और स्वास्थ्यकर्मी को हटाने की कार्रवाई ने प्रशासन की सक्रियता को भी सामने रखा। अब पहले चरण में मैदान में उतरे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतदान के दौरान बूथों पर दिखी चुनावी गर्मी के बाद अब मतगणना का दिन तय करेगा कि नगर की सत्ता की चाबी आखिर किसके हाथ लगेगी।

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