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हनुमानगढ़ में टेलीकॉम ठेका कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार, ये हैं मांगें

हनुमानगढ़ में टेलीकॉम ठेका कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन

सुधीर बिश्नोई को वापस काम पर लेने, वेतन बढ़ाने व पेट्रोल खर्च बढ़ाने की मांग

हनुमानगढ़।हिमांशु मिड्ढा
राजस्थान टेलीकॉम ठेका कर्मचारी मजदूर यूनियन (सीटू) से जुड़े मोबाइल टावर तकनीकी कर्मचारियों ने यूनियन को तोड़ने के कथित प्रयास और तकनीशियन सुधीर बिश्नोई को कार्य से हटाने के विरोध में आक्रोश जताया। यूनियन ने श्रम कल्याण एवं समझौता अधिकारी को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने तथा कंपनी अधिकारियों से वार्ता कर कर्मचारियों की मांगों का समाधान करवाने की मांग की है। मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर यूनियन ने बीकानेर संभाग में कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

यूनियन के अनुसार मोबाइल टावरों पर कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों को महज 10,500 रुपए मासिक मजदूरी दी जा रही है। कर्मचारियों के जिम्मे 20 से 25 टावर तक रहते हैं और टावरों के बीच आवागमन के लिए वे अपनी मोटरसाइकिल का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद मोटरसाइकिल के रखरखाव का कोई भुगतान नहीं किया जाता। पेट्रोल खर्च के नाम पर प्रति टावर मात्र 300 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। कर्मचारियों ने इसे वर्तमान परिस्थितियों में अपर्याप्त बताते हुए पेट्रोल खर्च बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति टावर प्रतिमाह करने की मांग की है।

यूनियन ने आरोप लगाया कि 8 सितंबर को कालीबंगा टावर पर तकनीशियन सुधीर बिश्नोई से बिना किसी जांच और स्पष्ट कारण के टावर की चाबी ले ली गई। यूनियन का आरोप है कि उन्हें यूनियन छोड़ने के लिए दबाव दिया गया और यूनियन नहीं छोड़ने पर मौखिक रूप से कंपनी से कार्यमुक्त कर दिया गया। यूनियन ने इसे अनफेयर लेबर प्रैक्टिस बताते हुए सुधीर बिश्नोई को तत्काल कार्य पर लेने की मांग की है।

माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि ठेका कर्मचारियों से 24 घंटे सातों दिन काम लिया जा रहा है, लेकिन इसके अनुरूप वेतन और सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कर्मचारियों के अधिकारों के लिए यूनियन के संघर्ष में माकपा उनके साथ खड़ी है।सीटू जिला सचिव शेरसिंह शाक्य ने कहा कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से तत्काल वार्ता कर सुधीर बिश्नोई को काम पर लेने और कर्मचारियों की वेतन व पेट्रोल खर्च संबंधी मांगें मानने की मांग की।

अध्यक्ष रणवीर मटोरिया ने कहा कि यूनियन कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्ष कर रही है। यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कार्य बहिष्कार की जिम्मेदारी कंपनी अधिकारियों पर होने की बात कही।

इस दौरान अध्यक्ष रणवीर मटोरिया, महामंत्री भूपेंद्र ज्याणी, जगदीश प्रसाद, जतिन कुमार, फारूक अहमद, धनराज मेहरड़ा, जनक देहदू, महेंद्र महरिया, रामकुमार मेहरिया, दलवीर पूनिया, राजेश प्रजापत, परमजीत सिंह, सुधीर बिश्नोई, संदीप सिंह, गणेश कुमार, लक्ष्मण सिंह, अनिल कुमार, साहबराम और रोहताश कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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