दूध में चूना डालकर मंदिर में चढ़ाई ‘खोळ’, नवयुवकों ने श्रमदान से की मंदिर की पुताई; ध्वज रस्म के साथ मेले का आगाज
खेतड़ी। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
खेतड़ी उपखंड के प्रसिद्ध गोगाजी धाम मेहाड़ा में तीन दिवसीय वार्षिक मेले की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। पांच सितंबर से शुरू होने वाले मेले को लेकर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। मेले से पूर्व गुरूवार को मंदिर में पारंपरिक ‘खोळ चढ़ाने’ की रस्म विधिवत रूप से संपन्न हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने श्रद्धा और परंपरा के अनुरूप अपने घरों से दूध लाकर मंदिर परिसर में एकत्रित किया। भगत सुबेदार अशोक कुमार ने बताया कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वार्षिक मेले से पहले पंचमी के अवसर पर मंदिर में खोळ चढ़ाने की परंपरा है। इसके तहत मेहाड़ा जाटूवास, मेहाड़ा गुर्जरवास, गोरीर, दुधवा, शिमला, बसई, रामपुरा, धीरजपुरा, कोराका की ढाणी, मोड़ी सहित आसपास के गांवों तथा हरियाणा क्षेत्र के ग्रामीण अपने घरों में मौजूद दुधारू पशुओं का दूध लेकर गोगाजी धाम पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में बड़े-बड़े कड़ाहों में एकत्र किए गए दूध में चूना मिलाकर तैयार किए गए मिश्रण से मंदिर की पुताई की जाती है। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस अनूठी परंपरा में गांव के नवयुवक बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। मंदिर समिति की ओर से आयोजित खोळ की रस्म के दौरान नवयुवक मंडल मेहाड़ा के कार्यकर्ताओं ने श्रमदान करते हुए पूरे मंदिर परिसर की पुताई की।खोळ चढ़ाने की रस्म के बाद दोपहर में मंदिर परिसर में ध्वज रस्म का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने ‘गोगा बाबा की जय’ के जयकारों के बीच मंदिर पर ध्वज चढ़ाया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। गोगाजी धाम परिसर में बुधवार को सिहोड़ रोड मार्केट समिति के सौजन्य से भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसमें आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। मेले के मद्देनजर मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम भी तेज कर दिया गया है। इस अवसर पर विनोद स्वामी, सीताराम जांगिड़, मोहनलाल स्वामी, शीशराम किरार, विक्रम गहलावत, भोलाराम किरार, भल्लूराम जांगिड़, निक्कू गहलावत, सुमेर किरार, नत्थूराम सेन, विक्रम स्वामी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। पांच सितंबर से शुरू होने वाले मेले में आसपास के राजस्थान और हरियाणा क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।










