आगामी शारदीय नवरात्र पर 108 शतचंडी महायज्ञ का होगा भव्य आयोजन, वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथाव्यास आचार्य अक्षय कृष्ण महाराज के पावन सानिध्य में 11 से 20 अक्टूबर तक गूंजेंगे वैदिक मंत्र, हर शनिवार भक्ति व सुरों के संगम भजन संध्या से गुंजायमान हो रहा मंदिर परिसर, देशभर से जुटेंगे श्रद्धालु व प्रवासी, महापाठ, दिव्य शृंगार, कन्या पूजन और विशाल भंडारे की तैयारियां जोरों पर
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शेखावाटी की पावन एवं आध्यात्मिक धरा झुंझुनूं स्थित अगाध आस्था और शक्ति की साधना के प्रमुख केंद्र श्री कुलोदय दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) में आगामी शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर अलौकिक धार्मिक महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। झुंझुनूं मुख्य शहर से मात्र 10 किलोमीटर दूर कुलोद कलां खतेहपुरा की मनोरम व सुरम्य पहाड़ियों की गोद में स्थित इस 400 वर्ष प्राचीन सिद्ध पीठ में आगामी 11 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी पर्यंत तक 108 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ एवं महापाठ अनुष्ठान अत्यंत भव्यता व शास्त्रोक्त विधि-विधान से आयोजित किया जा रहा है। यह महायज्ञ श्रीधाम वृंदावन के प्रख्यात कथाव्यास एवं विद्वान पूज्य आचार्य अक्षय कृष्ण जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न होगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस महामहोत्सव से संपूर्ण अंचल दिव्य वैदिक मंत्रोच्चार और मां भगवती के जयकारों से गुंजायमान रहेगा।
400 वर्ष पुराना गौरवशाली इतिहास एवं धार्मिक पृष्ठभूमि
श्री कुलोदय दुर्गा मंदिर केवल एक उपासना स्थल नहीं, बल्कि 51 शक्तिपीठों के समतुल्य जाग्रत तपोभूमि है। मंदिर के 400 वर्ष पुराने इतिहास के अनुसार, झुंझुनूं के परम भक्त श्री चोखराज जी अग्रवाल मां दुर्गा के परम उपासक थे। वे प्रतिदिन झुंझुनूं से पैदल चलकर माता की सेवा-अर्चना के लिए कुलोद कलां पहुंचते थे। उनकी अनन्य भक्ति और कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति मां भगवती ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए तथा मनवांछित फल का आशीर्वाद प्रदान किया। आज देश-विदेश में फैले उनके वंशज तथा सर्व समाज के लाखों श्रद्धालु अपनी कुलदेवी मां भगवती के दर्शन एवं मनौतियां मांगने यहां खिंचे चले आते हैं। प्रतिवर्ष चैत्र एवं आश्विन मास के नवरात्रों में यहां विशाल धार्मिक मेले आयोजित होते हैं।
कलश स्थापना से शुरू होगा महामहोत्सव
श्री कुलोदय दुर्गा मंदिर ट्रस्ट एवं स्थानीय प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय शारदीय नवरात्र महामहोत्सव का भव्य शुभारंभ रविवार 11 अक्टूबर 2026 को घट-स्थापना (कलश स्थापना) के साथ होगा। जिसका समापन मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 को नवमी के दिन हवन पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा। इस अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन माता रानी का नूतन पोशाक, 56 भोग और फल-फूलों से अलौकिक शृंगार व भव्य आरती की जाएगी। साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा अखंड ज्योत, सवामणी, कढ़ाई सेवा तथा नित्य महाप्रसाद का वितरण रहेगा। ट्रस्टी शशिकांत मोदी ने बताया की श्री कुलोदय दुर्गा मंदिर संपूर्ण शेखावाटी और देश-विदेश में फैले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। 400 वर्षों की इस महान तपोभूमि पर 108 शतचंडी महायज्ञ का आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सुख-समृद्धि और विश्व शांति के उद्देश्य से किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक भक्त को सुगम दर्शन और दिव्य आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो। मंदिर ट्रस्ट द्वारा आवास, सुरक्षा और सुगम दर्शन की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
10 दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव भक्ति, साधना और सामाजिक समरसता का होगा अद्भुत संगम
मंदिर कार्यकारिणी ट्रस्टीगण डॉ. दिलीप मोदी एवं निर्मल मोदी ने जानकारी देते हुए बताया की यह 10 दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव भक्ति, साधना और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम होगा। अनुष्ठान के दौरान 108 कुंडीय पावन हवन कुंडों में वैदिक विद्वानों द्वारा सस्वर श्रीदुर्गा सप्तशती व सम्पुटित पाठ का नित्य वाचन एवं आहुतियां दी जाएंगी। साथ ही, मातृशक्ति के सम्मान में नित्य नौ कन्याओं का पूजन व भोजन प्रसादी का आयोजन होगा। 20 अक्टूबर को महानवमी पर हवन पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। उन्होंने झुंझुनूं के सभी माता के भक्तों एवं धर्मप्रेमियों से विशेष आग्रह किया है कि वे सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में इस पावन एवं भव्य आयोजन में पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करें और इस धार्मिक महाकुंभ को सफल बनाएं साथ ही समस्त धर्मप्रेमी जनता को इस महायज्ञ में सहभागी बनने हेतु सहर्ष आमंत्रित किया हैं।
पंजीयन शुरू, उत्साह दे रहा दिखाई
इस महायज्ञ में सहभागिता के लिए यजमान सेवा का पंजीयन प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर शुरू कर दिया गया है। इसमें दैनिक मुख्य यजमान के लिए 41 हजार रूपए प्रतिदिन तथा महापाठ व हवन सहयोग के लिए 11 हजार रूपए अथवा श्रद्धानुसार की राशि निर्धारित की गई है। जबकि कन्या भोजन, भंडारा व शृंगार सेवा में सहयोग स्वेच्छानुसार स्वीकार्य है। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं को भक्ति रस से जोड़ने के लिए मंदिर परिसर में वर्तमान में प्रत्येक शनिवार रात आठ बजे भव्य भजन संध्या आयोजित की जा रही है, जिसमें ख्यातिप्राप्त गायक स्वर-वंदना प्रस्तुत करते हैं। आयोजन की व्यवस्थाओं व संपर्क के लिए ट्रस्टीगण निर्मल मोदी—9829232130 डॉ. दिलीप मोदी— 9829227970, मैनेजर राजेश गोयल—9416604000 या मंदिर हेल्पलाइन 01592-299400, 09057319559 पर संपर्क किया जा सकता है।
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