शिक्षा, शोध और समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए नई दिल्ली में किया सम्मानित, देशभर की 32 प्रतिभाओं में शामिल होकर बढ़ाया जिले का गौरव
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शेखावाटी की धरती ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर फहराया है। झुंझुनूं जिले के निकटवर्ती भीमसर गांव निवासी युवा लेखक, शोधकर्ता एवं चिंतक डॉ. जुल्फिकार को शिक्षा, शोध, समाजसेवा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में हिन्द ह्यूमैनिटी फाउंडेशन की ओर से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। डॉ. जुल्फिकार को यह प्रतिष्ठित सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता तथा शिक्षार्थियों एवं समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए प्रदान किया गया। सम्मान मिलने से उनके गांव भीमसर सहित झुंझुनूं जिले और शेखावाटी क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
स्वामी विवेकानंद पर शोध और लेखन ने बनाई अलग पहचान
डॉ. जुल्फिकार ने जगतगुरू श्रीमद् स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व, विचारों और कार्यों पर शोध एवं लेखन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। मानव सेवा, सामाजिक समरसता एवं सांप्रदायिक सौहार्द जैसे विषयों को केंद्र में रखते हुए उनके द्वारा किए गए शोध और पुस्तक सृजन ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। वर्तमान समय में सामाजिक सौहार्द एवं मानवीय मूल्यों की आवश्यकता को देखते हुए डॉ. जुल्फिकार के शिक्षा, समाजसेवा और शोध संबंधी कार्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके इन्हीं प्रयासों के चलते उन्हें पूर्व में भी देश-विदेश की विभिन्न संस्थाओं की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। इस सम्मान समारोह की खास बात यह रही कि देशभर की 32 जानी-मानी प्रतिभाओं को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें झुंझुनूं के डॉ. जुल्फिकार का शामिल होना शेखावाटी के लिए गौरव का विषय बना। एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सम्मान तक पहुंचना उनकी प्रतिभा, शोध के प्रति समर्पण और निरंतर किए जा रहे कार्यों को रेखांकित करता है। डॉ. जुल्फिकार को मिले इस सम्मान पर क्षेत्र के शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि डॉ. जुल्फिकार ने अपनी उपलब्धि से भीमसर गांव ही नहीं, बल्कि पूरे झुंझुनूं और शेखावाटी का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।











