कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग की अध्यक्षता में नशा मुक्ति समिति की बैठक; एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन में तस्करी रोकने को विभागों में बनेगा मजबूत समन्वय
ALSO FOLLOW INTERVIEWER INDIA ON FACEBOOK YOUTUBE



झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
जिले को नशे के बढ़ते जाल से मुक्त करने के लिए प्रशासन और पुलिस ने अब आपूर्ति के साथ नशे की मांग पर भी प्रहार करने की रणनीति तैयार की है। जिला कलेक्टर डॉ. अरू.ण गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय नशा मुक्ति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार, काउंसलिंग एवं पुनर्वास को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में एएसपी देवेंद्र सिंह सहित पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस एवं एनसीबी ने जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन एवं भंडारण की स्थिति, एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों तथा तस्करी में शामिल अपराधियों से संबंधित जानकारी साझा की। संगठित एवं गंभीर अपराधों में शामिल तस्करों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई तथा विभागों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
तस्करी की सूचना पर एजेंसियां करेंगी समन्वित कार्रवाई
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से ड्रग की पहचान के लिए आवश्यक किट की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। आमजन से मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित सूचनाएं प्राप्त करने और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1933 का अधिकाधिक प्रचार करने तथा अंतरराज्यीय मामलों में जांच की प्रगति की निगरानी करने पर भी चर्चा हुई। ई-सिगरेट एवं लाइटर से संबंधित कार्रवाई तथा ड्रग डिटेक्शन की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
स्कूलों के 500 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री पर नजर
शिक्षा विभाग को स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को शामिल करते हुए नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। नशे की गिरफ्त में आए बच्चों की काउंसलिंग कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित दवाओं के हानिकारक प्रभावों के संबंध में जागरूकता अभियान चलाने तथा नशा मुक्ति केंद्रों पर आने वाले व्यक्तियों का रिकॉर्ड संधारित करने पर चर्चा हुई। समाज कल्याण विभाग को नशा पीड़ितों के पुनर्वास एवं काउंसलिंग संबंधी योजनाओं की समीक्षा करने, जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा नशा मुक्ति शिविरों में आने वाले पीड़ितों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में जाकर बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
अवैध खेती से मेडिकल स्टोर तक निगरानी
राजस्व विभाग को अवैध मादक पदार्थों की खेती पर निगरानी रखने तथा गिरदावरी के दौरान ऐसी फसलों की पहचान होने पर तत्काल संबंधित थाना एवं प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग को मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं उत्पादन रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करने को कहा गया। औषधि नियंत्रण विभाग को प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों की जांच करने के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ड्रोमाडोल एवं कोडीन आधारित दवाओं के दुरूपयोग पर रोकथाम तथा साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध खपत की निगरानी पर भी चर्चा हुई।
बॉर्डर पर चेकिंग, कच्ची और हथकड़ शराब पर भी कार्रवाई
आबकारी विभाग को भांग के वैध ठेकों पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम, कच्ची एवं हथकड़ शराब के विरुद्ध कार्रवाई तथा जिले की सीमाओं पर चेकिंग बढ़ाकर तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए। स्थानीय निकाय विभाग को युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाते हुए नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर डॉ. गर्ग ने कहा—आपूर्ति के साथ मांग पर भी लगाएं अंकुश
जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करना होगा। नशे की आपूर्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ नशे की मांग कम करने और नशे की गिरफ्त में आए लोगों के उपचार एवं पुनर्वास पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।वहीं पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशन में पुलिस एवं संबंधित विभागों को नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में अधिकारियों ने नशा मुक्त झुंझुनूं के लक्ष्य को लेकर कार्रवाई, जागरूकता और पुनर्वास—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयास तेज करने पर बल दिया।












