Advertisement
Home राजस्थान झुंझुनूं अन्नपूर्णा रसोई बंद करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

अन्नपूर्णा रसोई बंद करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

तीन रसोईयों के अनुबंध निरस्त कर ब्लैकलिस्ट करने व एक-एक लाख रूपए जुर्माने पर भी उठे सवाल, डीएलबी निदेशक, जिला कलेक्टर व नगर परिषद आयुक्त से चार सप्ताह में जवाब तलब

ALSO FOLLOW INTERVIEWER INDIA ON FACEBOOK  YOUTUBE 

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
जिले में लक्ष्मी स्वयं सहायता संस्था द्वारा संचालित तीन अन्नपूर्णा रसोईयों को बंद करने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए विभागीय आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने डीएलबी निदेशक, जिला कलेक्टर तथा नगर परिषद आयुक्त को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले के अनुसार लक्ष्मी स्वयं सहायता संस्था की अध्यक्ष निशा शर्मा ने डीएलबी निदेशक द्वारा 15 जून 2026 को जारी आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी। संस्था की ओर से अधिवक्ता संजय महला एवं सुनीता महला ने याचिकाएं दायर कर न्यायालय को बताया कि विभाग ने संस्था द्वारा संचालित तीन अन्नपूर्णा रसोईयों के अनुबंध निरस्त करने, संस्था को ब्लैकलिस्ट करने तथा प्रत्येक रसोई पर एक लाख रूपए की पेनल्टी लगाने का आदेश जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि उक्त आदेश विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन किए बिना, मनमाने एवं जल्दबाजी में जारी किया गया। संस्था की ओर से यह भी कहा गया कि आदेश एक समान प्रारूप में जारी किया गया है तथा संबंधित संचालिका को अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई का उचित अवसर नहीं दिया गया। अधिवक्ताओं ने न्यायालय को बताया कि लक्ष्मी स्वयं सहायता संस्था की ओर से चिड़ावा में दो तथा सुल्ताना में एक अन्नपूर्णा रसोई संचालित की जा रही है। संस्था के अनुसार उसके संचालन को लेकर पूर्व में कोई शिकायत नहीं थी, बल्कि बेहतर कार्य के लिए प्रशंसा पत्र भी जारी किया गया था। ऐसे में बिना व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिए रसोईयों को बंद करने, संस्था को ब्लैकलिस्ट करने और आर्थिक दंड लगाने की कार्रवाई को न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई। अधिवक्ताओं ने न्यायालय से आग्रह किया कि विभागीय आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए, ताकि तीनों अन्नपूर्णा रसोईयों का संचालन प्रभावित नहीं हो। याचिकाओं पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति शुभा मेहता ने विभाग द्वारा तीनों अन्नपूर्णा रसोईयों को बंद करने संबंधी आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए। संस्था की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर एवं सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के अधिवक्ता संजय महला एवं अधिवक्ता सुनीता महला ने पैरवी की। हाईकोर्ट के इस आदेश से तीनों अन्नपूर्णा रसोईयों के संचालन से जुड़ी संस्था को फिलहाल राहत मिली है।

 

Advertisement