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Home राजस्थान झुंझुनूं किठाना के हिमांशु चौधरी ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

किठाना के हिमांशु चौधरी ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

एनईएसटी में ओबीसी वर्ग में हासिल की अखिल भारतीय 596वीं रैंक, एनआईएसईआर भुवनेश्वर के पांच वर्षीय एकीकृत एमएससी पाठ्यक्रम में चयन , झुंझुनूं जिले से एकमात्र चयन का दावा

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झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
जिले के किठाना गांव के प्रतिभावान छात्र हिमांशु चौधरी पुत्र कमल धनखड़ एवं सरिता धनखड़ ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर झुंझुनूं का मान बढ़ाया है। हिमांशु ने राष्ट्रीय प्रवेश जांच परीक्षा (एनईएसटी) में अन्य पिछड़ा वर्ग में अखिल भारतीय स्तर पर 596वीं रैंक हासिल कर देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईएसईआर), भुवनेश्वर के पांच वर्षीय एकीकृत एमएससी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और जिले में खुशी का माहौल है।

देशभर के प्रतिभावान विद्यार्थियों के बीच बनाई पहचान

राष्ट्रीय प्रवेश जांच परीक्षा के माध्यम से एनआईएसईआर में प्रवेश हासिल करना विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। देशभर के विद्यार्थियों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा में हिमांशु ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग में 596वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की। भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में देश के प्रमुख संस्थानों में शामिल है। यहां विद्यार्थियों को विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के लिए तैयार किया जाता है। पांच वर्षीय एकीकृत एमएससी पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आगे चलकर उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।

झुंझुनूं जिले से एकमात्र चयन का दावा

इस वर्ष झुंझुनूं जिले से हिमांशु चौधरी का एनआईएसईआर के प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में चयन होना जिले के लिए गौरव की बात है। सीमित सीटों वाले इस प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में देशभर के चुनिंदा विद्यार्थियों को ही प्रवेश मिलता है। ऐसे में ग्रामीण परिवेश से निकलकर हिमांशु द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करना क्षेत्र के लिए विशेष उपलब्धि है। एनआईएसईआर में शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के लिए देश के विभिन्न प्रमुख वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों में उच्च शिक्षा और शोध के अवसर उपलब्ध होते हैं। विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह संस्थान महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।हिमांशु चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय पिता कमल धनखड़, माता सरिता धनखड़, दादा-दादी, नाना-नानी, भाई-बहनों एवं गुरूजनों को दिया है। हिमांशु ने कहा कि परिवार के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और गुस्जनों के मार्गदर्शन के चलते वह इस मुकाम तक पहुंच सके। हिमांशु किठाना निवासी एवं निवर्तमान जिला परिषद सदस्य पंकज धनखड़ के भतीजे हैं। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने हिमांशु को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गांव की प्रतिभा ने बढ़ाया पूरे जिले का गौरव

हिमांशु की सफलता ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी शहर की मोहताज नहीं होती। मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के दम पर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी देश के शीर्ष शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों तक पहुंच सकते हैं। किठाना गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में शानदार रैंक हासिल कर एनआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पाने वाले हिमांशु अब विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से किठाना सहित पूरे झुंझुनूं जिले का गौरव बढ़ा है और वे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं

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