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बीडीके अस्पताल में मरीजों को बड़ी राहत : 60 मिनट का इंतजार घटकर 5-7 मिनट पर आया

झुंझुनूं के राजकीय बीडीके अस्पताल में ओपीडी पर्ची काउंटरों की बढ़ी संख्या और मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था

पांच अतिरिक्त ओपीडी काउंटर शुरू होने से बदली व्यवस्था, जनाना विंग में महज 1-2 मिनट में बन रही पर्ची, आठ नए दवा वितरण केंद्र खुलने से मरीजों को मिलेगी और राहत

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले के सबसे बड़े राजकीय भगवानदास खेतान (बीडीके) अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। मौसमी बीमारियों के चलते ओपीडी में बढ़ते मरीजों के दबाव के बीच अस्पताल प्रशासन ने पर्ची काउंटरों की संख्या बढ़ाने, डिजिटल टोकन प्रणाली के प्रति जागरूकता और नियमित निगरानी के जरिए प्रतीक्षा समय में उल्लेखनीय कमी की है। पहले ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को 45 से 60 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब यह समय घटकर महज 5 से 7 मिनट रह गया है। जनाना विंग में प्रसूताओं एवं शिशुओं को पर्ची बनवाने के लिए अब केवल 1 से 2 मिनट इंतजार करना पड़ रहा है। व्यवस्था में सुधार से मरीजों को राहत मिलने के साथ अस्पताल के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ा है और ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। राजकीय बीडीके अस्पताल के पीएमओ एवं वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी काउंटरों की व्यवस्थाओं का सर्वे करवाकर आवश्यक सुधार किए हैं। ओपीडी काउंटर प्रभारी डॉ. अरविंद जाखड़ एवं वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी मुकेश कुमार मीणा ने नियमित निगरानी के दौरान अतिरिक्त काउंटरों की आवश्यकता महसूस की। इसके बाद पहले संचालित पांच काउंटरों की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई। नवीन ओपीडी के पास सात काउंटर निरंतर क्रियाशील किए जा चुके हैं, जबकि आपातकालीन इकाई का काउंटर 24 घंटे सातों दिन संचालित रहता है।

जनाना विंग में प्रसूताओं और शिशुओं को त्वरित राहत

जनाना विंग में पहले एक ही ओपीडी पर्ची काउंटर होने से प्रसूताओं एवं शिशुओं को भीड़ के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने यहां एक अतिरिक्त काउंटर शुरू किया। इसके परिणामस्वरूप पर्ची बनवाने का प्रतीक्षा समय घटकर महज 1 से 2 मिनट रह गया है। प्रसूताओं एवं शिशुओं के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से राहतकारी साबित हो रही है। डॉ. भाम्बू ने बताया कि अस्पताल में सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे तक मरीजों की सर्वाधिक भीड़ रहती है। इस दौरान मिनट-टू-मिनट मॉनिटरिंग की जाती है। कंप्यूटर एवं प्रिंटर की कार्यशीलता, कर्मचारियों की उपस्थिति और काउंटरों के नियमित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि मरीजों को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े।

छह प्रमुख उपायों से कम हुआ प्रतीक्षा समय

ओपीडी काउंटरों पर प्रतीक्षा समय कम करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने छह प्रमुख बिंदुओं पर काम किया है। जिनमें पांच अतिरिक्त काउंटर क्रियाशील किए – पर्ची वितरण की क्षमता बढ़ाकर मरीजों की भीड़ कम करने पर जोर दिया गया । तकनीकी व्यवस्था मजबूत की -ओपीडी शुरू होने से पहले कंप्यूटर एवं प्रिंटर की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के साथ बैकअप व्यवस्था की गई। कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण – मैन-विथ-मशीन समन्वय के तहत कर्मचारियों के प्रशिक्षण और उपस्थिति पर ध्यान दिया गया। स्कैन एंड शेयर प्रणाली का प्रचार – डिजिटल टोकन व्यवस्था के प्रति आमजन को जागरूक किया गया, जिससे पर्ची बनाने की प्रक्रिया सुगम हुई। ड्यूटी रोस्टर व्यवस्थित किया – कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर काउंटरों का संचालन व्यवस्थित बनाया गया। व्यस्त समय में अतिरिक्त स्टाफ – मरीजों का दबाव बढ़ने पर ओपीडी काउंटरों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई।

मरीजों का भरोसा बढ़ा, ओपीडी में भी इजाफा

ओपीडी काउंटर प्रभारी डॉ. अरविंद जाखड़ ने बताया कि पहले अस्पताल में भारी भीड़ देखकर कई मरीजों को परेशानी होती थी। पर्ची बनवाने में अधिक समय लगने से मरीजों एवं उनके परिजनों को इंतजार करना पड़ता था। अब पर्ची शीघ्र बनने और चिकित्सकीय परामर्श एवं दवा प्राप्त करने की प्रक्रिया सुगम होने से मरीजों का विश्वास बढ़ा है। इसका असर ओपीडी में मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोतरी के रूप में भी सामने आया है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों से अस्पताल आने वाली प्रसूताओं एवं शिशुओं के लिए समय पर उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। कई मामलों में ओपीडी पर्ची बनवाने, चिकित्सकीय परामर्श लेने और दवा प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया में कुल 5 से 15 मिनट ही लग रहे हैं। इससे मरीजों एवं उनके परिजनों के समय की बचत हो रही है और उन्हें अनावश्यक परेशानी से राहत मिल रही है।

आठ नए दवा वितरण केंद्र भी होंगे शुरू

पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। जनाना विंग में ओपीडी पर्ची के लिए प्रतीक्षा समय 1 से 2 मिनट तक आना राहत की बात है। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि आगामी दिनों में नवीन ओपीडी में भी प्रतीक्षा समय इसी स्तर तक लाया जाए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आठ नए दवा वितरण केंद्र भी स्वीकृत हुए हैं। इनके क्रियाशील होने से दवा प्राप्त करने के लिए लगने वाली कतारों और प्रतीक्षा समय में भी कमी लाने में मदद मिलेगी। बीडीके अस्पताल में अतिरिक्त काउंटरों के संचालन, कर्मचारियों की बेहतर तैनाती, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता और डिजिटल टोकन प्रणाली के उपयोग से मरीजों को राहत मिल रही है। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य इस व्यवस्था को और बेहतर बनाकर मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर चिकित्सकीय परामर्श एवं दवा वितरण तक अधिक सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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