सात अखंड पाठों के भोग डाले, सात नए अखंड पाठों का प्रकाश; प्रकाश करवाने वाले परिवारों को सरोपा देकर किया सम्मान
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हनुमानगढ़। हिमांशु मिड्ढा
टाउन स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा सुखा सिंह, शहीद बाबा महताब सिंह, छावनी बूढ़ा दल, हनुमानगढ़ में 8, 9 व 10 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले सालाना जोड़ मेले को लेकर धार्मिक तैयारियां श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी हैं। पंथ की महान शख्सियत शिरोमणि सेवा रतन, शिरोमणि पंथ रतन, सिंह साहिब जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह अकाली 96 करोड़ी, 14वें मुखी शिरोमणि पंथ अकाली बूढ़ा दल पंजवां चलदा वहिर चक्रवर्ती निहंग सिंह, पंजाब, भारत के संरक्षण में यह सालाना जोड़ मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी श्रद्धा एवं धूमधाम से मनाया जाएगा।जोड़ मेले के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में लड़ीवार अखंड पाठों की श्रृंखला चल रही है।
इसी क्रम में आज सात अखंड पाठों के विधिवत भोग डाले गए तथा सात नए अखंड पाठों का प्रकाश कराया गया। इस अवसर पर अखंड पाठों का प्रकाश करवाने वाले परिवारों को गुरु घर की बख्शीश के रूप में सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में संगत ने गुरुद्वारा साहिब में पहुंचकर गुरु चरणों में माथा टेका और अरदास में शामिल होकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया।सेवादार बाबा जोगा सिंह ने बताया कि सालाना जोड़ मेले के तहत 8 सितंबर को अखंड पाठ रखे जाएंगे। 9 सितंबर को रात्रि दीवान सजाए जाएंगे, जबकि 10 सितंबर, वीरवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के चल रहे 101 श्रृंखला के अखंड पाठों के भोग डाले जाएंगे। इसके पश्चात खुले दीवान सजाए जाएंगे, जिसमें देशभर से पंथ की महान धार्मिक एवं राजनीतिक हस्तियां तथा संत-महापुरुष शामिल होंगे।उन्होंने बताया कि जोड़ मेले के दौरान अमृत संचार भी कराया जाएगा। उन्होंने गुरु सिखों से अपील की कि जिन लोगों ने अभी तक खंडे बाटे का अमृत पान नहीं किया है, वे अमृत छककर गुरु वाले बनें और गुरमत के मार्ग पर चलते हुए अपना जीवन सफल करें। इसके साथ ही मेले में निहंग सिंह फौज के नए लाइसेंस बनाने एवं पुराने लाइसेंस रिन्यू करवाने की व्यवस्था भी की जाएगी। 10 सितंबर को आयोजित खुले दीवानों में संत-महापुरुष, निहंग सिंह जत्थेबंदियों के मुखी साहिबान तथा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सेवादार भाई गुरप्रीत सिंह सहित पंथ की अनेक प्रमुख हस्तियां पहुंचेंगी। श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर के हजूरी रागी जत्थे द्वारा गुरबाणी कीर्तन किया जाएगा। वहीं भाई सुखजीत सिंह कनईया कथा वाचक सहित खालसा पंथ के सिरमौर रागी, ढाडी एवं कथावाचक गुरु इतिहास एवं गुरमत विचारों से संगत को निहाल करेंगे।आजअखंड पाठों के भोग के पश्चात गुरु का अटूट लंगर बरताया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। जोड़ मेले को लेकर गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालुओं की लगातार आमद बनी हुई है तथा सेवादार व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।













