गीत-संगीत की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रोता, कविता-गजलों ने लूटी महफिल

ट्रैलेंटस विला, चूरू की तरफ से हुए कार्यक्रम में नवोदित रचनाकारें व कलाकारों ने दिखाया हुनूर

चूरू। अमित कुमार
टैलेंट्स विला, चूरू की तरफ से विश्वकर्मा मंदिर के पीछे स्थित ब्रेव माइंड डिजिटल इंस्टीट्यूट ओपन माइक व चर्चा सत्र कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में नवोदित रचनाकारों व कलाकारों ने कविता, गज़ल, गीत, हास्य, वाद्ययंत्र व डबिंग जैसी विविध प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि योगेश सैनी ने कलाकारों को सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर अपनी अलग पहचान बनाने और अपनी कला को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रतिभा के साथ सही मंच और डिजिटल पहचान भी जरूरी है। टैलेंट्स विला की इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संस्था लगातार नए कलाकारों को मंच देकर समाज में रचनात्मक वातावरण तैयार कर रही है। हास्य कवि आशीष गौतम ‘आशु’ ने हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब हसाया। चूरू एवं भादरा से आई ननद-भाभी की जोड़ी ने खूब धमाल मचाई। अध्यापिका सोनू शर्मा ने अपनी मधुर गायिकी से सभी का दिल जीत लिया। उप प्रधानाचार्य ममता ने हवा हवाई गीत की प्रस्तुति देकर माहौल बना दिया। उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए उन्हें “परफॉर्मर ऑफ द डे” सम्मान से नवाजा गया। हेमराज ने ग़ज़ल महफ़िल में बार-बार उन पर नज़र गई प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। कालिका टीम की कांता सोनगरा ने तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी गीत गाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया और लॉकडाउन के दौर की यादें ताज़ा करवा दी। चूरू के हिमांशु ने मेरी दोस्ती मेरा प्यार गीत की प्रस्तुति दी। मेघना ने डोरेमोन, नोबिता, नन्हे कान्हा, छोटा भीम की मिमिक्री कर अपना हुनूर दिखया। वर्षा, अजय और सोनू की गीत व कविता प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरी। शिक्षिका व लेखिका विनिता स्वामी ने कविता के जरिए दहेज प्रथा पर कटाक्ष किया, वहीं दीपिका शर्मा ने जब दीप जले आना व रतननगर से आई ममता ने मजदूर दिवस पर कविता की प्रस्तुति दी। पुनीत चारण ओर सनी पंवार ने रैप सोंग के जरिए सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूनम शर्मा ने सभी नए कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। निरूल, मनीष शर्मा, नूर की प्रस्तुति भी सराही गई। राहुल कांगड़ा व बजरंग कथक ने वाद्ययंत्र की प्रस्तुति दी। ब्रेव माइंड डिजिटल इंस्टीट्यूट हितेश, अजय और पंकज ने सभी कलाकारों व उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। संचालन अंकुशा बुंदेला व प्रदीप कथक ने किया। मोहन सोनी चक्र, सोयल, दिनेश प्रजापत आदि ने सहयोगी भागीदारी की।