राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों से राष्ट्रनिर्माण, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का किया आह्वान
चूरू।अमित कुमार
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) चूरू जिला इकाई की ओर से परिषद् के 78वें स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य में “राष्ट्र प्रथम की भावना एवं विद्यार्थी जीवन” विषय पर एक गरिमामय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं युगप्रेरणा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजक नरेंद्र सिंह तंवर ने किया।स्वागत भाषण में अभाविप झुंझुनूं विभाग संयोजक कुलदीप सिंह जागावत ने सभी अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए परिषद् की राष्ट्रनिर्माण में भूमिका पर प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि डॉ. सुरेंद्र सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल शिक्षा प्राप्त करने का समय नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा के संस्कारों को आत्मसात करने का सर्वोत्तम अवसर है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य उत्तम चौधरी ने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल के भारत का निर्माता है, इसलिए प्रत्येक युवा को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।मुख्य वक्ता झुंझुनूं विभाग संगठन मंत्री बलवीर सैनी ने अभाविप के इतिहास और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिषद् की स्थापना 9 जुलाई 1949 को राष्ट्र के पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ हुई थी। पिछले 78 वर्षों से परिषद् अपने ध्येय वाक्य “ज्ञान, शील और एकता” को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता, चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता के विकास का कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि अभाविप आज केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त जनआंदोलन बन चुकी है। छात्रहित एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए परिषद् ने शिक्षा की गुणवत्ता, विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता, छात्रावास एवं पुस्तकालय सुविधाओं, महिला सुरक्षा, कौशल विकास तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा जैसे मुद्दों पर निरंतर कार्य किया है। इसके साथ ही रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, आपदा राहत, सामाजिक समरसता, जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा सांस्कृतिक जागरण जैसे क्षेत्रों में भी परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।नगर मंत्री नरेंद्र रामसरा ने कहा कि अभाविप का उद्देश्य केवल छात्रसंघ चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी, संस्कारित, सक्षम और चरित्रवान नागरिक के रूप में विकसित करना है। विभाग छात्रा प्रमुख पूजा भाबू ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़कर राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।संगोष्ठी के समापन पर सभी विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रहित और छात्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अभाविप की राष्ट्रनिष्ठ विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में एसएफएस प्रांत संयोजक मोनिका, भाग संयोजक वरुण शर्मा, नगर सह मंत्री गर्व रक्षक, मोनू, गौतम राजपुरोहित, दिव्या शेखावत, पुष्पा, सौम्या राठौर, रोहित वाल्मीकि, सुमित लुहार, अंकित चौधरी, हंसू, टीना स्वामी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद् एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












