ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 32 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, पश्चिम बंगाल से इंजीनियर गिरफ्तार

चूरू साइबर थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई; पांच प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के खातों में जमा होती थी ठगी की रकम, गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी

चूरू। अमित कुमार
चूरू साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और फर्जी आईपीओ में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी पेशे से सिविल इंजीनियर है और अपने नाम से पांच प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाकर साइबर ठगी की रकम उन कंपनियों के बैंक खातों में जमा करवाता था। पुलिस जांच में आरोपी के खातों में देश के विभिन्न राज्यों से करीब ₹1 करोड़ 32 लाख की ठगी की राशि आने का खुलासा हुआ है।पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार मीणा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।पुलिस के अनुसार, हमीरवास थाना क्षेत्र के जेतपुरा निवासी विकास सिद्ध ने 24 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने मोबाइल पर लिंक भेजकर उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा और फर्जी आईपीओ ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया। अधिक मुनाफे का लालच देकर उससे विभिन्न बैंक खातों में 39.21 लाख रूपये जमा करवा लिए गए।मामला दर्ज होने के बाद साइबर थाना के एएसआई राकेश कुमार मीणा ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के आधार पर पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और 27 वर्षीय स्वयं मलिक, निवासी वीरभूम (हाल निवासी वर्धमान, पश्चिम बंगाल), को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर चूरू लाई।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी गिरोह का सक्रिय सदस्य है। गिरोह लोगों को मोबाइल पर लिंक भेजकर व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ता था और फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाकर शेयर बाजार एवं ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देता था। इसके बाद पीड़ितों से विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने नाम से पांच प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां पंजीकृत कर रखी थीं। इन्हीं कंपनियों के बैंक खातों में ठगी की राशि जमा करवाई जाती थी। परिवादी विकास सिद्ध से भी आरोपी की कंपनी के खाते में 26,500 रूपये जमा करवाए गए थे।पुलिस जांच में आरोपी के बैंक खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से 1.32 करोड़ रूपये की साइबर ठगी की रकम जमा होने के प्रमाण मिले हैं। आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में छह ऑनलाइन शिकायतें भी दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने और पते बदलकर रह रहा था।फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और पूरे ठगी नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है।