ओबीसी सर्वे और राजधरा ऐप जैसे कार्यों से बढ़ा दबाव, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
जिले की आशा सहयोगिनियों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन पर मूल स्वास्थ्य सेवाओं से हटाकर गैर-जरूरी कार्यों में लगाए जाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान आशा सहयोगिनियों ने कहा कि उन्हें ‘ओबीसी सर्वे’ और ‘राजधरा ऐप’ जैसे अतिरिक्त कार्य सौंपे जा रहे हैं, जिससे उनके मूल दायित्व प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि उनका प्रमुख कार्य टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना, आयुष्मान कार्ड बनवाना तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है, लेकिन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण वे इन कार्यों पर पर्याप्त समय नहीं दे पा रही हैं। आशा सहयोगिनी मंजू लालपुरिया ने कहा कि प्रशासन लगातार नए-नए कार्य सौंपकर उन पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। इससे न केवल उनके स्वास्थ्य संबंधी दायित्व प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि उनका व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन उनसे मनमाने तरीके से कार्य करवा रहे हैं, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि आशा सहयोगिनियों को उनके मूल स्वास्थ्य संबंधी कार्यों तक ही सीमित रखा जाए तथा गैर-जरूरी प्रशासनिक कार्यों से मुक्त किया जाए, ताकि वे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें।।मंजू लालपुरिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आशा सहयोगिनियां अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आशा सहयोगिनियों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान करेगा, ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होने से बच सके।














