शेखावाटी की औद्योगिक पहचान बचाने की मुहिम तेज: खेतड़ी स्मेल्टर की 114 मीटर ऊंची ऐतिहासिक चिमनी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की उठी मांग

‘चिमनी बचाओ अभियान’ के तहत युवाओं ने सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार को सौंपा ज्ञापन, विधानसभा में मुद्दा उठाने का मिला आश्वासन

खेतड़ी। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शेखावाटी की औद्योगिक विरासत और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के गौरवशाली इतिहास की प्रतीक खेतड़ीनगर स्थित स्मेल्टर प्लांट की 114 मीटर ऊंची ऐतिहासिक चिमनी को संरक्षित कर राष्ट्रीय औद्योगिक धरोहर घोषित किए जाने की मांग अब तेज हो गई है। क्षेत्र के युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ‘चिमनी बचाओ अभियान’ के तहत रविवार को सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की पुरजोर मांग की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सिंघाना नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डीपी सैनी एवं सामाजिक कार्यकर्ता रमेश पांडे ने विधायक को बताया कि वर्ष 1974-75 में निर्मित यह विशाल चिमनी केवल सीमेंट और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि खेतड़ी कॉपर परियोजना के स्वर्णिम इतिहास, शेखावाटी की औद्योगिक पहचान और हजारों परिवारों की आजीविका की अमिट स्मृति है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के कार्यकाल में स्थापित यह परियोजना देश की तांबा उत्पादन क्षमता और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की महत्वपूर्ण आधारशिला रही है। ज्ञापन में बताया गया कि स्मेल्टर प्लांट बंद होने के बाद प्रबंधन द्वारा इस ऐतिहासिक चिमनी को ध्वस्त किए जाने की आशंका है। यदि ऐसा हुआ तो शेखावाटी अपनी दशकों पुरानी औद्योगिक पहचान और इतिहास के एक महत्वपूर्ण प्रतीक को हमेशा के लिए खो देगा। युवाओं ने मांग की कि इस चिमनी को राष्ट्रीय औद्योगिक धरोहर घोषित कर संरक्षित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां क्षेत्र के औद्योगिक विकास और खेतड़ी कॉपर परियोजना के गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकें। सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि खेतड़ी कॉपर परियोजना का क्षेत्र के विकास में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस परियोजना के स्वर्णिम दौर को करीब से देखा है और यह चिमनी केवल खेतड़ीनगर ही नहीं, बल्कि पूरे शेखावाटी के गौरव और औद्योगिक अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी राजस्थान विधानसभा सत्र में इस ऐतिहासिक चिमनी को राष्ट्रीय औद्योगिक धरोहर घोषित कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा सरकार का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान रमेश पांडे, डीपी सैनी, राजू गराटी, रामसिंह चेतीवाल, महावीर प्रसाद, रवि, विक्रम, शिवकुमार, आशीष सहित अनेक युवा एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।