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Home राजस्थान झुंझुनूं झूठी शिकायत पड़ी भारी: अदालत ने परिवादिया पर लगाया जुर्माना

झूठी शिकायत पड़ी भारी: अदालत ने परिवादिया पर लगाया जुर्माना

बगड़ पुलिस के इस्तगासे पर फैसला, पुलिस जांच में मामला झूठा मिलने पर 2 हजार रूपये के अर्थदंड की सजा; सात अन्य मामलों में भी नोटिस जारी

बगड़। झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
झूठे मुकदमे दर्ज कराकर पुलिस और न्याय व्यवस्था का दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बगड़ थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अनुसंधान में मामला झूठा पाए जाने पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, झुंझुनूं ने परिवादिया आशा देवी पत्नी जितेंद्र, निवासी इंडाली (थाना बगड़) को दोषी मानते हुए 2 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा ग्रामीण वृत्ताधिकारी हरिसिंह धायल के सुपरविजन में थाना प्रभारी गोपाल सिंह थालौर के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय, राजस्थान के निर्देशानुसार झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बगड़ थाना पुलिस ने अब तक आठ मामलों में न्यायालय में इस्तगासे पेश किए हैं। इनमें प्रकरण संख्या 195/25 में न्यायालय ने पुलिस जांच को सही मानते हुए परिवादिया आशा देवी को दोषी ठहराया और जुर्माना लगाया। वहीं शेष सात इस्तगासों में न्यायालय ने संबंधित परिवादियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनका आगामी सुनवाई पर निस्तारण किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि व्यक्तिगत रंजिश, दबाव बनाने या किसी को परेशान करने की नीयत से झूठी शिकायतें दर्ज कराने की प्रवृत्ति से पुलिस का समय और संसाधन अनावश्यक रूप से खर्च होते हैं, जिससे वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने में भी बाधा आती है। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने स्पष्ट किया कि झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। कानून का दुरूपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना और वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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