मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की युवा हितैषी नीतियां बन रही विकसित राजस्थान का आधार, युवा संबल नीतियों को आगे बढ़ाते हुए चूरू जिले में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में पुस्तक संवाद जैसी अभिनव पहल से विद्यार्थियों में बढ़ रही पठन संस्कृति, 16 पीएमश्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित
चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की युवा हितैषी नीतियां विकसित राजस्थान का आधार बन रही हैं। प्रदेश सरकार की युवा संबल नीतियों को आगे बढ़ाते हुए चूरू जिले में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में शिक्षा विभाग के तत्वावधान में राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला कलक्टर के निर्देशन में राजकीय विद्यालयों में शिक्षण सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है।
16 पीएमश्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित, आधुनिक शिक्षण को बढ़ावा
डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी 16 पीएमश्री राजकीय विद्यालयों में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के माध्यम से डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई है। इन डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित अध्ययन सामग्री तक आसान पहुंच उपलब्ध हो रही है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और ज्ञानवर्धन को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में सत्र 2025-26 के दौरान जिले के 16 पीएमश्री विद्यालयों को समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत पुस्तकालय अनुदान उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक विद्यालय को 20 हजार रुपये की दर से कुल 3.20 लाख रुपये की राशि पुस्तक क्रय हेतु हस्तांतरित की गई है, जिससे विद्यालयी पुस्तकालयों को और अधिक समृद्ध बनाया जा सके।इसी कड़ी में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त के निर्देशन में सत्र 2025-26 के लिए जिले के सभी राजकीय विद्यालयों हेतु 73 प्रकाशकों की विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध करवाई गई हैं। ब्लॉक स्तर पर प्राप्त पुस्तकों का वितरण संबंधित विद्यालयों में किया जा चुका है। जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में सत्र 2025-26 में लाइब्रेरी हेतु पुस्तकें पहुंचाई गई हैं, जिनमें 380 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में 13 लाख रुपये से अधिक, 471 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 32.239 लाख रुपये से अधिक तथा 592 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 101.30 लाख रुपये से अधिक जनरल एंट्री राशि की पुस्तकें पहुंचाकर पुस्तकालयों का सुदृढ़ीकरण किया गया है।
पुस्तक संवाद जैसी अभिनव पहल से विद्यार्थियों में बढ़ रही पठन संस्कृति
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में जिले में पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण एवं नवांकुरों को पुस्तकों से जोड़ने के सशक्त प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राजकीय विद्यालयों में पुस्तक संसाधनों का विस्तार होने के साथ-साथ विद्यार्थियों को पुस्तकों से जोड़ने के लिए नवाचार आधारित गतिविधियों का भी सफल संचालन किया जा रहा है। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा की अभिनव पहल ‘पुस्तक संवाद’ से विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित हो रही है। इस पहल के तहत शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को घर ले जाकर पढ़ने के लिए पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाती हैं। अवकाश उपरांत विद्यार्थियों से पुस्तक समीक्षा लिखवाई जाती है तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन ब्लॉक स्तर पर किया जाता है। ब्लॉक स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जिला कलक्टर आवास पर आयोजित ‘पुस्तक संवाद’ कार्यक्रम में सम्मानित किया जाता है। यह कार्यक्रम अब तक छह बार सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है और विद्यार्थियों में पठन-पाठन के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए इसकी निरंतरता बनाए रखी गई है। जिला प्रशासन का मानना है कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, कल्पनाशीलता और व्यक्तित्व विकास के केंद्र हैं। इसी सोच के साथ जिले में पुस्तकालयों को सशक्त बनाने तथा नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।













