1850 ग्राम वजन की बालिका अस्पताल की आईसीयू में भर्ती, शिशू रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा उपचार जारी
झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
जिले के सबसे बड़े राजकीय बीडीके अस्पताल के पालना गृह में मंगलवार रात 8.50 बजे नवजात बालिका मिली। अस्पताल की आपातकालीन ईकाई में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी सीमा को रात 8.50 बजे पालना गृह की घंटी सुनी। अस्पताल नर्सिंग अधिकारी ने पालना गृह में जाकर देखा तो पाया कि कपड़े मे लिपटी हुई नवजात बालिका सिसकियां भर रही है। नर्सिंग अधिकारी ने तुरंत नवजात बालिका को आपातकालीन ईकाई में सीएमओ ड्यूटी चिकित्सक डॉ. राहुल सोनी को दिखाया । डॉ. राहुल सोनी ने नवजात की आवश्यक जांच की तथा ऑनकॉल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नयन झाझड़िया ने नवजात बच्ची का जांच एवं उपचार आरंभ करते हुए नवजात को गहन चिकित्सा ईकाई में भर्ती किया।एसएनसीयू प्रभारी डॉ. विजय झाझड़िया ने बाल कल्याण समिति को सूचना दी। डॉ. नयन झाझड़िया , डॉ. विजय झाझड़ि या , रेजीडेन्ट चिकित्सक एवं प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में उपचार आरंभ किया। पीएमओ एवं वरिष्ठ शिशू रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि नवजात बालिका का जन्म 24-48 घंटे का प्रतीत हो रहा है। नवजात का वजन 1850 ग्राम ,शारिरिक तापमान कम पाया गया था। बच्ची 34-36 सप्ताह के गर्भावस्था के बाद जन्म हुई प्रतीत होती है। नवजात के सांस में तकलीफ़ के मद्देनजर सीपैप मशीन से आवश्यक दवाओं के साथ उपचार आरंभ कर दिया है। नवजात को फैंके नहीं ,पालना ग्रह में रखे की बढ़ती जागरूकता के कारण आमजन द्वारा नवजात को पालना गृह में रखा गया है














