सिंघाना । झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
सिंघाना कस्बे में बिजली करंट की चपेट में आने से एक निराश्रित सांड की मौत हो गई। घटना पुलिया के पास उस स्थान की बताई जा रही है जहां नियमित रूप से कचरा डाला जाता है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और गौसेवकों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने बिजली विभाग और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार गौसेवक रंजीत ने बताया कि गौसेवकों को सूचना दी कि एक सांड बिजली के करंट की चपेट में आ गया है। सूचना मिलते ही कामधेनु सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। गौसेवकों का कहना है कि इससे पहले भी 8 जून को इसी प्रकार की घटना में एक नंदी महाराज की मौत हो चुकी है, लेकिन संबंधित विभागों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कामधेनु सेना के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नगर पालिका को कई बार फोन करने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। कई बार कॉल का जवाब तक नहीं मिलता और यदि शिकायत दर्ज भी हो जाए तो टीम को मौके पर पहुंचने में दो-दो दिन लग जाते हैं। इस घटना में भी तीन से चार घंटे तक लगातार संपर्क करने के बावजूद कोई त्वरित सहायता नहीं मिल सकी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले बिजली तारों, करंट प्रवाहित होने की आशंका वाले स्थानों और कचरा स्थलों की तत्काल जांच कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निराश्रित पशु या आमजन को इस प्रकार की दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े। घटना की सूचना मिलने पर कामधेनु सेना के जिला अध्यक्ष आत्माराम गुर्जर के नेतृत्व में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। टीम ने मृत सांड का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करवाया। इस दौरान नायक विपिन बनवास, निखिल बनवास, विशाल सिंघाना सहित अन्य गौसेवक मौजूद रहे।













