आठ साल बाद भी नहीं मिला मीठा पानी, जर्जर विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर बदलने की उठाई मांग
चूरू। जिले के निकटवर्ती गांव झारिया के ग्रामीणों ने गुरुवार को जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पेयजल और बिजली से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।ग्रामीणों ने बताया कि गांव में “अपनी योजना” के तहत बनी पानी की टंकी को करीब आठ वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज तक ग्रामीणों को मीठे पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इसके चलते गांव के लोगों को मजबूरन खारा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की आशंका बनी रहती है।उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में बिछाई गई पानी की पाइप लाइन निम्न गुणवत्ता की है, जिसके कारण जगह-जगह पाइप लाइनें टूट चुकी हैं और जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कर नियमित रूप से मीठा पानी उपलब्ध करवाने की मांग की।इसके अलावा ग्रामीणों ने गांव में बिजली व्यवस्था की समस्याओं से भी जिला कलेक्टर को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर विद्युत पोल जर्जर अवस्था में हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने नए ट्रांसफार्मर और डीपी लगाने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग भी उठाई।ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से संबंधित विभागों के समक्ष समस्याएं रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर आमजन को राहत प्रदान करने की मांग की।इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि निशार खान, निवर्तमान पंचायत समिति सदस्य एडवोकेट सुनील मेघवाल, इलियास खान, उगम सिंह, साँवरमल साहरण, हाजी निशार खान, राजवीर, अयूब खान, अल्ताफ खान, आमीन खान, समशेर खान, आसिफ खान, संजीव मीणा, सरिता मेघवाल, पूनम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।










