बिजली समस्याओं के समाधान को लेकर किसान सभा ने सौंपा ज्ञापन

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जर्जर खंभे बदलने, लंबित कृषि कनेक्शन जारी करने और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग

चूरू। अखिल भारतीय किसान सभा की तहसील कमेटी चूरू ने किसानों एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अधिशाषी अभियंता, विद्युत विभाग चूरू को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बिजली व्यवस्था में सुधार तथा वर्षों से लंबित विभिन्न कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई। अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष इन्द्राज खीचड़ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है, जिसका सीधा असर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से जनहित में त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।

बिजली व्यवस्था सुधारने की उठाई प्रमुख मांगें

ज्ञापन में टूटे हुए बिजली खंभों को बदलने, ढीले एवं झुके हुए विद्युत तारों को दुरुस्त करने तथा उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप अतिरिक्त डीपी और ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई। इसके अलावा सोलर उपभोक्ताओं के पुनर्भरण शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लेने तथा आरडीएसएस योजना के तहत दाणियों में लंबित विद्युत कार्यों को पूर्ण कराने की मांग भी रखी गई।
किसान सभा ने घरेलू बिजली कनेक्शनों की प्रतीक्षा सूची समाप्त करने और वर्ष 2018 से लंबित कृषि कनेक्शनों को शीघ्र जारी करने की मांग की। साथ ही ठेकेदारों की ओर से कार्यों में की जा रही देरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने की बात कही गई।
कम वोल्टेज और स्मार्ट मीटर का भी उठाया मुद्दा संगठन ने एईएन कार्यालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, कम वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा किसानों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताते हुए इसे बंद करने की मांग ज्ञापन में शामिल की गई। इसके अलावा एफआरटी टीम को शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित निस्तारण के लिए पाबंद करने तथा बिजली ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लगाकर समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने की मांग की गई।

स्थानीय समस्याओं को भी उठाया

ज्ञापन में कई स्थानीय समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। दाणी पन्नेसिंह में शिशुपाल सिंह पुत्र चिमनाराम के कुएं पर दो वर्ष पूर्व जला ट्रांसफार्मर अब तक नहीं बदले जाने की शिकायत की गई। वहीं ग्राम खारिया में मुखाराम सहित कई किसानों को डिमांड राशि जमा करवाने के तीन वर्ष बाद भी कृषि कनेक्शन जारी नहीं होने पर नाराजगी जताई गई।बालरासर गांव में हरचंदराम के खेत में पांच माह से टूटे बिजली खंभों की मरम्मत नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा सहजूसर गांव में लगभग 50 वर्ष पुराने जर्जर लोहे के खंभों को बदलने तथा रास्ते के बीच स्थित खंभों को हटाने की मांग की गई। इसी प्रकार ग्राम राणासर में हाल ही में 20 बिजली खंभे टूटने और कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने का उल्लेख करते हुए दो अतिरिक्त डीपी लगाने की मांग रखी गई।

आंदोलन की चेतावनी

किसान सभा ने कहा कि बिजली व्यवस्था की बदहाली का खामियाजा किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।इस अवसर पर शमशेर, भालू खां, माजिद खान राणासर, दीपाराम, मनीराम, बजरंग लाल, राजेन्द्र जांगिड़, हनुमान, जयप्रकाश, प्रताप सिंह, रामनिवास, शीशपाल दान, गिरधाराम, इन्द्रचंद, शुभकरण सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।