महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा कर सुनी सावित्री-सत्यवान कथा
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
मंड्रेला रोड़ स्थित सेठ मोतीलाल कॉलेज स्टेडियम परिसर के इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा-अर्चना कर अपने पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की मंगलकामना की। मंदिर परिसर दिनभर धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर रहा। सुबह से ही महिलाओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाओं ने वटवृक्ष के चारों ओर परिक्रमा करते हुए रक्षा सूत्र बांधे तथा विधि-विधान से पूजा संपन्न की। इसके बाद महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण कर अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची महिलाओं की श्रद्धा और उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी चंद्र प्रकाश शुक्ला ने वट सावित्री व्रत और वटवृक्ष की पूजा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह व्रत भारतीय संस्कृति में दांपत्य जीवन की मजबूती, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने महिलाओं को व्रत की परंपराओं और आध्यात्मिक महत्व की विस्तार से जानकारी दी। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही। कार्यक्रम में राजेंद्र लालपुरिया, राम अवतार शर्मा, सचिन शुक्ला, सुरेन्द्र शर्मा सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।













