सोमनाथ मन्दिर का जीर्णोद्धार करके सरदार पटेल ने देश की महान् सेवा की, लोहिया महाविद्यालय में मनाया गया ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’
चूरू। सोमनाथ मन्दिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्राचार्य प्रो. मंजु शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को राजकीय लोहिया महाविद्यालय में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ता कॅरियर पॉइण्ट यूनिवर्सिटी, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र सोनी ने थे, जिन्होंने ‘सोमनाथ : भारतीय संस्कृति व इतिहास की गौरव गाथा’ विषय पर व्याख्यान दिया। सोमनाथ को भारतीय संस्कृति का सनातन स्मारक बताते हुए प्रो. सुरेन्द्र ने कहा कि दुनिया में भारत की पहचान केवल इसके भूगोल से नहीं है, बल्कि इसकी पहचान तो इसकी संस्कृति और सभ्यता से है। किसी भी देश की पहचान जब उसके भूगोल से अधिक होती है, वही वास्तविक अर्थ में राष्ट्र होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वस्तुतः जो हम हैं, वह हमारी संस्कृति है और जो हमारे पास है, वह हमारी सभ्यता है। हम हमारे पुरखों द्वारा अपने तप व त्याग से स्थापित की गई परम्पराओं और संस्कारों से विश्वगुरु बने हैं, इसीलिए हर संकट में दुनिया हमारी ओर देखती है। हम दुनिया को हर संकट से निकालने की अद्भुत क्षमता रखते हैं और यही हमारी ताकत है। इस क्षमता और ताकत का वास्तविक ध्वजवाहक है सोमनाथ मन्दिर। यह मन्दिर भारतीयों के संघर्ष व जिजीविषा का सर्वमान्य प्रतीक है। उन्होंने सोमनाथ मन्दिर के अनेक बार मिटने और उसके पुनर्निर्माण की कहानी को भारतीय संस्कृति व इतिहास की गौरवशाली परम्परा से जोड़ते हुए कहा कि सोमनाथ पर आक्रमण का उद्देश्य केवल लूट नहीं रहा, अपितु इससे अधिक था। आक्रान्ताओं का उद्देश्य था भारत के धर्म को नष्ट करना, लेकिन वे विफल रहे। आज भी सोमनाथ मन्दिर भारतीय जनमानस के जुझारूपन और इस देश की सांस्कृतिक अस्मिता व स्वाभिमान का महान् प्रतिमान है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजु शर्मा ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर महाविद्यालय की एनएसएस इकाइयों तथा सांस्कृतिक व साहित्यिक समिति द्वारा पोस्टर रचना, निबन्ध लेखन, संकल्प संवाद आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ऐसे कार्यक्रम आज के युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास, परम्परा व संस्कृति से रूबरू करवाने का स्तुत्य प्रयास हैं। इससे पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक डॉ. महेन्द्र कुमार खारड़िया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के युवाओं को देश की सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़ने का पावन प्रयास है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ जयप्रकाश ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी व संकाय सदस्य उपस्थित रहे। संचालन डॉ. उम्मेद गोठवाल ने किया।













