झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले की होनहार बेटी आंचल रूंगटा ने आरएएस 2024 परीक्षा में 90वीं रैंक हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता की खास बात यह रही कि इंटरव्यू के दौरान सामाजिक कुरीतियों, खासकर ‘डायन प्रथा’ जैसे संवेदनशील विषय पर उन्होंने संतुलित और प्रभावशाली जवाब दिया। आंचल ने बताया कि इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि ‘डायन प्रथा’ को कैसे समाप्त किया जा सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि अल्पकालिक समाधान के रूप में कानूनों को सख्ती से लागू करना जरूरी है, जबकि दीर्घकालिक स्तर पर महिलाओं की शिक्षा और समाज में वैज्ञानिक सोच विकसित करना बेहद अहम है।
दादा का सपना, पोती ने किया पूरा
आंचल के पिता रविकांत रूंगटा, जो शहर के जाने-माने कपड़ा व्यवसायी हैं, ने बताया कि यह उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उनके स्वर्गीय पिता चंडी प्रसाद रूंगटा का सपना था कि परिवार से कोई सदस्य प्रशासनिक सेवा में जाए—जिसे अब आंचल ने साकार कर दिखाया। आंचल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झुंझुनूं में प्राप्त की, जबकि स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से कॉमर्स में की। इसके बाद उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। उन्होंने घर पर रहकर ही आईएएस की तैयारी की और इंटरव्यू के लिए जयपुर गईं। आंचल का यह दूसरा प्रयास था। उन्होंने पहली बार में ही मेन्स और इंटरव्यू तक का सफर तय कर सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि मेन्स के लिए समय कम होने के कारण उन्होंने पूरी तरह फोकस्ड रणनीति अपनाई। तैयारी के दौरान आंचल रोजाना वॉक, एक्सरसाइज और सीमित रूप से मोबाइल का उपयोग कर खुद को तरोताजा रखती थीं। उनका मानना है कि मानसिक संतुलन बनाए रखना सफलता के लिए जरूरी है।
आंचल ने सोशल मीडिया को लेकर कहा कि इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। उन्होंने ट्विटर का इस्तेमाल खबरों के लिए और व्हाट्सएप का उपयोग अभ्यर्थियों के साथ चर्चा के लिए किया।आंचल का कहना है कि तैयारी शुरू करने के पीछे का उद्देश्य हमेशा याद रखना चाहिए। जब भी हार मानने का विचार आए, तो अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें और निरंतरता बनाए रखें—यही सफलता की कुंजी है। आंचल रूंगटा की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे झुंझुनूं जिले के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।










