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ठेकेदार की अभद्रता के विरोध में नगर परिषद में बवाल, कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया धरना

झुंझुनूं नगर परिषद में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे नगर परिषद कर्मचारी

गाली-गलौज और महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप , एफआईआर दर्ज कराने व फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
नगर परिषद में शुक्रवार को ठेकेदार और कर्मचारियों के बीच हुआ विवाद गरमा गया। ठेकेदार पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए नगर परिषद की विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी लामबंद हो गए। आक्रोशित कर्मचारियों ने कामकाज बंद कर दिया और अपनी सीटें छोड़कर कार्यालय परिसर स्थित पार्क में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठाई।

अचानक हुए कार्य बहिष्कार से नगर परिषद का सामान्य कामकाज प्रभावित हो गया। पूरा मामला नगर परिषद की लेखा शाखा से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार ठेकेदार सुभाष जनेवा पेमेंट संबंधी मामले को लेकर लेखा शाखा पहुंचे थे। यहां कमरा नंबर छह में कार्यरत वरिष्ठ सहायक रतन लाल वर्मा के साथ उनकी कहासुनी हो गई। कर्मचारियों का आरोप है कि बातचीत के दौरान ठेकेदार ने मर्यादा भूलकर गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप यह भी है कि कार्यालय में मौजूद महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाई गई। घटना से नाराज अन्य कर्मचारी भी एकजुट हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

एफआईआर की मांग को लेकर एडीशनल एसपी से मिले कर्मचारी

घटना के बाद कर्मचारियों ने एकजुट होकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर एडीशनल एसपी से मिला और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना गंभीर मामला है।

कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार का व्यवहार पहले भी विवाद का कारण बन चुका है। इस संबंध में नगर परिषद आयुक्त को पूर्व में भी शिकायत दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने से कार्यालय का माहौल प्रभावित होता है। अब केवल समझाइश नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने ठेकेदार सुभाष जनेवा के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने के साथ उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण नगर परिषद में अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सभापति अब्दुल्ला अगवान बोले – कर्मचारियों के साथ खड़े हैं

नगर परिषद सभापति अब्दुल्ला अगवान ने भी मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुभाष जनेवा के खिलाफ कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। शुक्रवार को पेमेंट के मामले में उसने लेखा शाखा में कार्यरत कर्मचारी रतन लाल वर्मा के साथ दुर्व्यवहार किया। इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। सभापति ने स्पष्ट कहा कि वे कर्मचारियों के साथ खड़े हैं और उनकी मांगों को लेकर आयुक्त से बातचीत कर उचित निर्णय लिया जाएगा। विवाद के बाद नगर परिषद प्रशासन में भी हलचल मच गई।

आयुक्त ने धरने पर बैठे कर्मचारियों को समझाकर काम पर लौटने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि केवल आश्वासन और समझाइश से काम नहीं चलेगा। ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार दोबारा न हो।

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