तनवीर खान ने गणेश वंदना के साथ किया शुभारंभ, हनुमान-सीता और हनुमान-रावण संवाद सहित विभिन्न प्रसंगों ने दर्शकों को किया भावविभोर
चूरू। शहर के रेलवे कॉलोनी स्थित हनुमान कला मंदिर में आयोजित रामलीला में लंका दहन की लीला का भव्य मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य तनवीर खान ने गणेश वंदना के साथ किया। कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का सजीव मंचन कर दर्शकों का मन मोह लिया।
हनुमानजी के पराक्रम ने बांधा समां
रामलीला में सम्पाती-जामवंत संवाद, हनुमान-सीता संवाद, हनुमान-रावण संवाद और लंका दहन के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने हनुमानजी के साहस, बुद्धिमत्ता और भगवान श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। रावण की सभा में हनुमानजी और रावण के बीच संवाद तथा लंका दहन के दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
रामलीला भारतीय संस्कृति का प्रतीक : तनवीर खान
एआईसीसी सदस्य तनवीर खान ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आदर्श जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वहीं, हनुमानजी का चरित्र साहस, समर्पण और अटूट भक्ति का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कलाकारों ने निभाईं विभिन्न भूमिकाएं
राम की भूमिका राजकुमार, लक्ष्मण की योगेन्द्र, सीता की सूरज, हनुमान की विक्रम सिंह, रावण की राजेश गौतम, मेघनाद की प्रेम चौधरी, जामवंत की हर्ष, अंगद की लक्ष्य और विभीषण की भूमिका कौशल ने निभाई।












