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नशे से दूर रहकर ही बनेगा स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र – डॉ. कपूर थालोर

झुंझुनूं के राजकीय महिला महाविद्यालय में डॉ. कपूर थालोर का नशामुक्ति पर विशेष व्याख्यान

महिला महाविद्यालय में नशामुक्ति पर विशेष व्याख्यान , छात्राओं को मोबाइल की लत से बचने और युवाओं को खेलों से जोड़ने का आह्वान

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना तथा उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसके लिए केवल स्वयं नशे से बचना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाकर दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना होगा। यह विचार राजकीय बीडीके अस्पताल, झुंझुनूं के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. कपूर थालोर ने शुक्रवार को सेठ नेतराम मघराज टीबड़ेवाला राजकीय महिला महाविद्यालय, झुंझुनूं में आयोजित विशेष व्याख्यान में व्यक्त किए।

महाविद्यालय में ‘नई किरण नशा मुक्ति केंद्र’ के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त समाज की समसामयिक उपादेयता’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. कपूर थालोर मुख्य वक्ता रहे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर मनोज कुल्हार ने की। मुख्य वक्ता डॉ. कपूर थालोर ने कहा कि वर्तमान समय में नशामुक्त समाज की स्थापना समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नशे से दूरी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए मोबाइल की लत से बचने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। युवाओं को जागरूक करने के साथ उन्हें खेलकूद और अन्य सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, ताकि उनकी ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों में हो सके। उन्होंने नशामुक्त जीवन को स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए छात्राओं से स्वयं जागरूक बनने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया।

‘व्यसनों से दूर रहें विद्यार्थी, पढ़ाई और संस्कारों को बनाएं जीवन का आधार’

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर मनोज कुल्हार ने कहा कि विद्यार्थियों को सभी प्रकार के व्यसनों से दूर रहकर शिक्षा के प्रति समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों में यदि किसी चीज का जुनून होना चाहिए तो वह पढ़ाई, ज्ञान अर्जन और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का होना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को संस्कारयुक्त जीवन अपनाने, अनुशासन बनाए रखने और अपने करियर के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश अहलावत ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता कार्यक्रमों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर एनएसएस की तीनों इकाइयों की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनीता, कल्पना जानू एवं जगदीश कुमार सहित डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. विकास भड़िया, डॉ. रघुराज सिंगोदिया, डॉ. रोहिताश कुमार, डॉ. अभिलाषा, डॉ. सुरेंद्र कुमार, दिव्या चौधरी एवं डॉ. पूनम चंद सहित महाविद्यालय के संकाय सदस्य और अनेक छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने, समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।

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