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Home राजस्थान झुंझुनूं ऑस्ट्रेलिया-यूके के पार्सल का झांसा , 8.07 लाख की साइबर ठगी

ऑस्ट्रेलिया-यूके के पार्सल का झांसा , 8.07 लाख की साइबर ठगी

बिसाऊ पुलिस ने असम-बिहार तक दबिश देकर तीन साइबर ठगों को दबोचा , ठगी के मामलों में पूछताछ जारी

बिसाऊ। झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
विदेश से पार्सल आने और उसे एयरपोर्ट-कस्टम में पकड़े जाने का डर दिखाकर लाखों रूपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बिसाऊ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में असम और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए विदेश से पार्सल भेजने तथा कस्टम, इनकम टैक्स और सीबीआई की कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ितों से कुल 8 लाख 7 हजार 600 रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए थे। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय देवेंद्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी झुंझुनूं ग्रामीण नरेश कुमार के सुपरविजन में की गई। थानाधिकारी उमाशंकर के नेतृत्व में गठित टीम ने साइबर ठगी के मामलों की पड़ताल करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पहले मामले में महनसर निवासी शीशराम ने 6 अगस्त को बिसाऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 3 अगस्त को उसकी पत्नी के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल और वॉइस रिकॉर्डिंग के जरिए उसके मुंह बोले भाई राजवीर की फोटो लगाकर संपर्क किया। आरोपी ने खुद को ऑस्ट्रेलिया से बोलना बताते हुए शादी का तोहफा पार्सल से भेजने की बात कही।
इसके बाद आरोपी ने बताया कि पार्सल मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है और उसे छुड़ाने के लिए इनकम टैक्स के नाम पर राशि जमा करवानी होगी। आरोपी की बातों में आकर परिवादी से अलग-अलग यूपीआई और बैंक खातों में कुल 6 लाख 41 हजार 100 रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामले में अनुसंधान करते हुए आरोपी के रिकॉर्ड और बैंक खातों से जुड़े सुराग जुटाए। पुलिस टीम ने असम में दबिश देकर इस्माईल अली पुत्र अब्दुल मुतालिब, उम्र 46 वर्ष, निवासी डिगाली पठार, थाना ढींग, जिला नौंगाव, हाल निवासी थाना मिखिरभेटा, जिला मोरीगांव, असम को गिरफ्तार किया।
दूसरे मामले में टांई निवासी सुनिता ने 16 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवादिया के मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप कॉल की गई। कॉल करने वालों ने यूके से पार्सल भेजने की बात कही। इसके बाद पार्सल कस्टम विभाग और सीबीआई द्वारा पकड़े जाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने पार्सल छुड़ाने के नाम पर सीबीआई में एफआईआर दर्ज होने और जेल भेजने का डर दिखाया। भयभीत परिवादिया से अलग-अलग माध्यमों से 1 लाख 66 हजार 500 रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने बिहार में दबिश देकर अनिश कुमार और दीपक कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश कर प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है, जिनसे पूछताछ एवं अनुसंधान जारी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अनिश कुमार पुत्र अजीत सिंह, उम्र 19 वर्ष, निवासी घोरघईया, थाना पंचरूखी, जिला सिवान, बिहार तथा दीपक कुमार पुत्र राजू सिंह, उम्र 19 वर्ष, निवासी घोरघईया, थाना पंचरूखी, जिला सिवान, बिहार शामिल हैं। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी उमाशंकर , उपनिरीक्षक रणधीर, सहायक उपनिरीक्षक पप्पूराम, कांस्टेबल नरेंद्र महला , कांस्टेबल मनोज कुमार , महिला हेड कांस्टेबल अनिता , कांस्टेबल विकास , कांस्टेबल किशोर मीणा , थाना मलसीसर तथा कांस्टेबल निर्मल , थाना मंडावा शामिल रहे।

पुलिस का संदेश

विदेश से पार्सल, कस्टम, इनकम टैक्स, सीबीआई या पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर यदि कोई ऑनलाइन रूपए मांगता है तो तत्काल भुगतान नहीं करें। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने के साथ पुलिस को सूचना देना जरूरी है।

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