महिला सशक्तिकरण, शेखावाटी की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रीय सुरक्षा में युवाओं की भूमिका पर वक्ताओं ने रखे विचार
झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के संयुक्त तत्वावधान में गुरूवार को झुंझुनूं के न्यू राजस्थान बालिका महाविद्यालय में ‘शेखावाटी साहित्य संगम-2026’ का आयोजन हुआ। साहित्य एवं संस्कृति के इस संगम में महिला सशक्तिकरण, मातृशक्ति के योगदान, राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की जिम्मेदारी जैसे विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान शेखावाटी की गौरवशाली परंपराओं से लेकर बदलते सामाजिक परिवेश और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मानसिंह, गेंदलाल, डॉ. शुचि चौहान, डॉ. रोहित जैन, शिक्षाविद् गुलजारीलाल कालेर, लोकेश एवं दुर्गावती ने दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रमेंद्र कुल्हार ने किया। पहले सत्र में सुबह 10:15 बजे ‘महिला सशक्तिकरण बदलाव की एक नई दिशा’ विषय पर संवाद हुआ।
सत्र का संचालन सरोज ने किया। शिक्षाविद् एवं सामाजिक विचारक डॉ. रोहित कुमार जैन तथा शिक्षाविद् एवं लेखिका डॉ. शुचि चौहान ने महिला उत्थान और सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। वक्ताओं ने शेखावाटी की मातृशक्ति के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं ने सामाजिक, शैक्षणिक और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रभावी भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को समाज में सकारात्मक बदलाव का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। सत्र में महिला सम्मान, अवसरों की समानता और समाज निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर भी विचार-विमर्श हुआ। दूसरे सत्र का विषय ‘रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की जिम्मेदारी’ रहा। इसका समन्वय श्रीराम ने किया। बीएसएफ के सेवानिवृत्त आईजी मदन सिंह राठौड़ एवं सेवानिवृत्त भारतीय सेना अधिकारी कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ ने युवाओं से संवाद करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। सत्र में ऑपरेशन सिंदूर, धारा 370 हटने के बाद के हालात, भारतीय सेना में शेखावाटी के जवानों की ऐतिहासिक एवं शौर्यपूर्ण भूमिका तथा सेना में युवतियों की बढ़ती भागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने युवाओं को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व से अवगत कराया।
आयोजन टोली के सदस्य राहुल सिंह कबीरसर ने बताया कि झुंझुनूं के बाद शेखावाटी साहित्य संगम का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर तक सीकर में होगा। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर को राजस्थान के राज्यपाल कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीकर में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में जनसांख्यिकीय परिवर्तन, हल्दीघाटी का इतिहास, सिनेमा, गुरू तेग बहादुर, संत रविदास तथा ऐतिहासिक योद्धाओं के जीवन और योगदान सहित विभिन्न विषयों पर सत्र होंगे। इसके साथ ही कवि सम्मेलन, नाटक मंचन एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से कला-संस्कृति के विविध रंग देखने को मिलेंगे। युवाओं को सिनेमा और कला के प्रति जागरूक करने तथा फिल्म निर्माण की तकनीकी जानकारी देने के उद्देश्य से ‘अरावली मोशन’ के तत्वावधान में फिल्म मेकिंग कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में विजेंद्रसिंह दीपक टेलर, राजपाल फोगाट, राजेश हलवान, जयपाल मीणा, जयप्रकाश, धर्मपाल सिंह, विजय कालेर, सुनील भारद्वाज, बलवीर सैनी, कुलदीप जगावत, बरखा, कपिल कुलहरि, मनजीत, विजय एचरा एवं रविन्द्र शर्मा सहित आयोजन समिति के सदस्य, वक्ता एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्ध श्रोता उपस्थित रहे। समापन अवसर पर जयपाल मीणा ने मंचासीन अतिथियों, वक्ताओं, आयोजन समिति के सदस्यों एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।










