झुंझुनूं उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष के नाम अनूठी उपलब्धि , सदस्य रहते उसी आयोग में अध्यक्ष बनने वाले देश के पहले व्यक्ति का दावा , जागरूक उपभोक्ताओं ने रंगोली बनाकर जताया आभार
झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और त्वरित न्याय के संकल्प के साथ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, झुंझुनूं में लगातार न्यायिक सेवा दे रहे आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने 2500 दिवस की सेवा-न्यायिक कार्यावधि पूरी कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सदस्य एवं अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवा अवधि के दौरान मील के कार्यकाल में 5058 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। उनकी इस उपलब्धि पर गुरूवार को जागरूक उपभोक्ताओं और युवाओं ने आयोग परिसर में रंगोली बनाकर आभार जताया।मनोज कुमार मील ने 4 दिसंबर 2019 को जिला उपभोक्ता आयोग, झुंझुनूं में सदस्य के रूप में शपथ लेकर कार्यभार संभाला था। करीब साढ़े तीन वर्ष तक सदस्य के रूप में सेवाएं देने के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली चयन समिति की अभिशंषा पर राजस्थान सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग के नियुक्ति आदेश के तहत 14 मार्च 2023 को उन्होंने इसी आयोग के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया तथा संविधान की शपथ ली।
सदस्य से उसी आयोग के अध्यक्ष बनने का अनूठा रिकॉर्ड
मनोज कुमार मील की उपलब्धि इसलिए भी विशेष बताई जा रही है कि सदस्य के रूप में कार्य करते हुए उसी उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने वाले देश के पहले और एकमात्र व्यक्ति होने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है। अब सदस्य एवं अध्यक्ष के रूप में लगातार 2500 दिवस की सेवा-न्यायिक कार्यावधि पूरी करना भी उनके कार्यकाल की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि बन गया है। मील के कार्यकाल में उपभोक्ता न्याय को केवल अदालत तक सीमित रखने के बजाय आमजन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। आयोग में न्याय टेबल, रात्रि उपभोक्ता चौपाल, उपभोक्ता न्यायोत्सव और अवकाश दिवस पर सुनवाई जैसे नवाचार किए गए। इन प्रयासों का उद्देश्य आम उपभोक्ता को उसके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाना रहा।इसी क्रम में प्रथम राष्ट्रीय उपभोक्ता संसद के आयोजन को भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया गया। उपभोक्ता संरक्षण को जनजागरूकता से जोड़ते हुए खरीदारी के समय बिल लेने, उपभोक्ता अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी प्रकार की अनुचित स्थिति में कानूनी संरक्षण लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।
3.50 लाख लोगों को दिलाई उपभोक्ता अधिकारों की शपथ
उपभोक्ता न्यायोत्सव के तहत करीब 3.50 लाख लोगों को उपभोक्ता संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई। इस अभियान के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी और उनका उपयोग प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। मनोज कुमार मील के कार्यकाल में 5058 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। लगातार न्यायिक कार्य के साथ नवाचारों और उपभोक्ता जागरूकता अभियानों के जरिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की मूल भावना ‘त्वरित न्याय’ को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया गया। 2500 दिवस की सेवा और 5058 मामलों के निस्तारण का यह आंकड़ा आयोग की कार्यप्रणाली में निरंतर न्यायिक सक्रियता और उपभोक्ता हितों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। 2500 दिवस पूरे होने के अवसर पर गुरूवार को आयोग परिसर में विशेष माहौल देखने को मिला। जागरूक उपभोक्ताओं और युवाओं ने रंगोली बनाकर इस उपलब्धि का स्वागत किया। रंगोली में ‘कंज्यूमर्स वॉयस’, ‘उपभोक्ता देवो भवः’ तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की मूल भावना के अनुरूप त्वरित न्याय का संदेश उकेरा गया। इस अवसर पर अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने कहा, “न्याय की सबसे बड़ी खूबसूरती शायद यही है कि वह उस व्यक्ति तक पहुंचे, जो अपनी आवाज को कमजोर समझता है। इसी विचार को केंद्र में रखकर मैंने कार्य किया है। जागरूक उपभोक्ताओं के सहयोग से 2500 दिनों का यह महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा करने में मदद मिली है।”










