विकास ऑटो मोबाइल वर्कशॉप में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, कारीगरों-मजदूरों को 1930 हेल्पलाइन और साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए
झुंझुनू।अजीत जांगिड़
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच जिला पुलिस की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत विकास ऑटो मोबाइल वर्कशॉप, कस्बा झुंझुनूं में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बदलते तौर-तरीकों की जानकारी देते हुए कारीगरों और मजदूरों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की गई।
महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार चल रहे ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान माह सितम्बर’ अभियान के तहत कार्यक्रम जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय झुंझुनूं देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस थाना साइबर जिला झुंझुनूं की टीम के साथ विकास ऑटो मोबाइल वर्कशॉप के कारीगर एवं मजदूर शामिल हुए।
साइबर थाना की ओर से एएसआई ताराचंद मीना मुख्य वक्ता तथा सउनि सुरेन्द्र कुमार उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को वर्तमान समय में सामने आ रहे ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा नहीं करें। सोशल मीडिया पर फोटो, आईडी, घर का पता, बच्चों के स्कूल का नाम जैसी निजी जानकारी डालने से भी बचें।
मोबाइल में टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर सक्रिय रखें। किसी अनजान कॉल पर मिलने वाले लालच या प्रलोभन में नहीं आएं। अधिकारियों ने विशेष रूप से निवेश फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जल्दी कमाई और दिखावे के चक्कर में लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा सकते हैं। सरल धन का सपना अक्सर बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। कार्यक्रम में ऑनलाइन भुगतान से जुड़े एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय के बारे में भी बताया गया।
अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई अनजान ग्राहक किसी काम के बदले फोन-पे के माध्यम से भुगतान करता है तो उसकी फोटो और आईडी आवश्यक रूप से ली जाए, ताकि किसी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध रहे। साइबर पुलिस टीम ने कारीगरों और मजदूरों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
साथ ही साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध से बचाव के सरल उपायों से संबंधित पम्पलेट वितरित कर लोगों को जागरूक किया गया।













