अंतिम दिवस पर उमा एवं कैलाश संहिता का हुआ विस्तृत वर्णन, श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
ALSO FOLLOW INTERVIEWER INDIA ON FACEBOOK YOUTUBE
चूरू। शहर के मंत्रियों की छतरी में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का बुधवार को भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन कथा वाचक संतोष सागर महाराज ने उमा संहिता और कैलाश संहिता का विस्तार से वर्णन करते हुए भगवान शिव के आध्यात्मिक स्वरूप, माता उमा की भक्ति तथा सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।अपने प्रवचन में संतोष सागर महाराज ने कहा कि भगवान शिव की आराधना से जीवन में शांति, संयम, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कैलाश धाम के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।कथा के दौरान पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोषों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालु पूरे समय भक्ति भाव से कथा श्रवण करते रहे और भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं आरती कर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।कार्यक्रम के अंत में समस्त शिव भक्त साधक परिवार की ओर से कथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों तथा नगरवासियों का आभार व्यक्त किया गया।











