झुंझुनूं में एसपी कावेन्द्र सिंह सागर की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन व बाल वाहिनी चालकों की बैठक, स्कूल वाहनों के लिए सुरक्षा मानकों की सख्त पालना के निर्देश
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षित, सुविधाजनक एवं व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर की अध्यक्षता में निजी विद्यालय प्रबंधन, बाल वाहिनी चालकों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा बाल वाहिनी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा करते हुए नियमों की सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजेन्द्र कुमार, यातायात शाखा प्रभारी कस्तूर वर्मा, अपराध सहायक रणजीत सिंह सेवदा, पीडब्ल्यूडी की जेईएन सीमा सहित निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि एवं बाल वाहिनी चालक उपस्थित रहे। एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्कूल बसें सुनहरी पीले रंग की हों तथा उन पर आगे-पीछे ‘स्कूल बस’ और अनुबंधित वाहनों पर ‘ऑन स्कूल ड्यूटी’ स्पष्ट रूप से अंकित हो। ऑटो एवं वैन पर ‘बाल वाहिनी’ और ‘ऑन स्कूल ड्यूटी’ लिखना अनिवार्य रहेगा। प्रत्येक वाहन के पीछे विद्यालय का नाम एवं संपर्क नंबर तथा वाहन के भीतर चालक का नाम, पता, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, चाइल्ड हेल्पलाइन और यातायात पुलिस हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन नहीं होगा।
ऑटो में चालक की सीट पर तथा बस एवं वैन की अगली सीट पर 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बैठाने पर रोक रहेगी। प्रत्येक स्कूल वाहन में प्राथमिक उपचार किट, अग्निशामक यंत्र, जीपीएस, स्पीड गवर्नर तथा सुरक्षित डोर लॉक प्रणाली अनिवार्य रूप से कार्यशील होनी चाहिए, ताकि विद्यालय प्रशासन वाहनों की नियमित निगरानी कर सके। बैठक में एसपी ने तेज गति से वाहन चलाने, शराब के नशे में ड्राइविंग करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित चालक को तत्काल हटाकर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी पुलिस एवं परिवहन विभाग की ओर से संयुक्त निरीक्षण और औचक जांच अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बाल वाहिनी के चालकों एवं परिचालकों को पुलिस प्रशासन द्वारा सीपीआर एवं फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। चिकित्सा विभाग के सहयोग से नेत्र जांच शिविर (आई चेकअप कैंप) आयोजित होंगे तथा सभी चालकों एवं परिचालकों के लिए नियमित रोड सेफ्टी ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने विद्यालय प्रबंधन से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक नियम का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें, क्योंकि विद्यार्थियों की सुरक्षा ही प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।










