हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट पर शक्ति प्रदर्शन, 11 सूत्रीय मांगों पर सरकार को चेतावनी

मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, नियमितीकरण, वेतनवृद्धि और सामाजिक सुरक्षा सहित प्रमुख मांगें उठाईं

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर शुक्रवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अखिल राजस्थान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त विकास संघर्ष समिति के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय की मांग की गई। आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता यशवर्धन सिंह शेखावत ने किया, जबकि समिति की झुंझुनूं इकाई की अध्यक्ष उषा कुमारी, संरक्षक आबिदा एवं महासचिव तारामणि के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शन के दौरान सरकार से वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता यशवर्धन सिंह शेखावत ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, टीकाकरण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार लगातार इनके कार्यों का दायरा बढ़ा रही है, लेकिन मानदेय, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए इन कर्मियों की वर्षों पुरानी मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए। समिति की अध्यक्ष उषा कुमारी, संरक्षक आबिदा एवं महासचिव तारामणि ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धैर्य की परीक्षा अब अधिक समय तक नहीं ली जानी चाहिए। ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को स्थायी सरकारी कर्मचारी घोषित करने, नियमितीकरण तक कार्यकर्ताओं को 35 हजार रूपये तथा सहायिकाओं को 25 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय देने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत योग्य कार्यकर्ताओं को प्री-प्राइमरी शिक्षक के रूप में समायोजित करने, अतिरिक्त कार्यों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने, प्रत्येक कार्यकर्ता को 5जी सुविधा युक्त स्मार्टफोन अथवा टैबलेट उपलब्ध कराने, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रूपये सम्मान राशि एवं मासिक पेंशन लागू करने सहित कुल 11 प्रमुख मांगें रखी गईं।इसके अलावा गैर-आईसीडीएस कार्यों से मुक्ति, महिला पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नति, आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्रारंभिक बाल शिक्षा का प्रमुख माध्यम बनाने, राष्ट्रीय पर्वों पर बोनस तथा सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के बिजली-पानी के बिल एवं किराये का नियमित भुगतान राज्य सरकार द्वारा किए जाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राजस्थान में चरणबद्ध और व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। प्रदर्शन में जिलेभर से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की मौजूदगी ने आंदोलन को शक्ति प्रदर्शन का स्वरूप दे दिया।