देशव्यापी ‘गौ सम्मान आह्वान’ हस्ताक्षर अभियान को लेकर झुंझुनूं में संत सम्मेलन, 27 जुलाई तक पांच लाख हस्ताक्षरों का लक्ष्य
झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
स्थानीय मोदी रोड स्थित गाडिया टाउन में देशव्यापी गौ सम्मान आह्वान हस्ताक्षर अभियान के तहत एक विशाल संगोष्ठी का आयोजन बगड़ धाम के महामंडलेश्वर डॉ. अर्जुनदास महाराज की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी पूज्य चंद्रमादास महाराज रहे। जबकि मुख्य अतिथि प्रकाश नारायण महाराज पालवास सीकर एवं विशिष्ट अतिथि योगी सूर्यनाथ महाराज फतेहपुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक रूपेश तुलस्यान एवं उमाशंकर महमिया ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन रामगोपाल महमिया ने किया। संगोष्ठी में देशव्यापी पांच करोड़ हस्ताक्षरों के लक्ष्य वाले अभियान के अंतर्गत झुंझुनूं जिले को 27 जुलाई 2026 तक पांच लाख हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य सौंपा गया। इसके लिए जिला, तहसील, ग्राम एवं कस्बा स्तर पर समितियों का गठन कर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, गौरक्षा दल, विभिन्न गौशालाओं, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ा जाएगा। 26 जुलाई तक हस्ताक्षरित पत्रक एकत्रित किए जाएंगे तथा 27 जुलाई को सुबह श्रीराम संकीर्तन के उपरांत जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी जाएगी कि संपूर्ण भारत में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, गौ माता को राष्ट्रमाता अथवा राष्ट्रीय आराध्य का संवैधानिक सम्मान दिया जाए, गौ सेवा के लिए केंद्रीय कानून एवं केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय का गठन किया जाए तथा गोचर भूमि संरक्षण, चारे की स्थायी नीति एवं गो-आधारित कृषि को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।
गाय बचेगी तो संस्कृति बचेगी — चंद्रमादास महाराज
मुख्य वक्ता पूज्य चंद्रमादास महाराज ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि गौमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना का जीवंत स्वरूप हैं। गाय बचेगी तो हमारी संस्कृति बचेगी, धर्म बचेगा और आने वाली पीढ़ियों का संस्कार भी सुरक्षित रहेगा। कलियुग में गोसेवा सबसे बड़ा पुण्य और राष्ट्रसेवा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना चाहिए। केवल सरकारों के भरोसे नहीं, बल्कि जन-जन की भागीदारी से ही गौ संरक्षण का संकल्प सफल होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से हस्ताक्षर अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में महामंडलेश्वर डॉ. अर्जुनदास महाराज ने कहा कि जिस संकल्प के साथ देश में गौ रक्षा का वातावरण बना था। उसे अब साकार करने का समय है। गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज को संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। मुख्य अतिथि प्रकाश नारायण महाराज ने कहा कि इतिहास में अनेक शासकों ने भी गौ संरक्षण का महत्व समझा था। आज आवश्यकता है कि पूरे देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर गौ माता को सम्मानजनक संवैधानिक दर्जा दिया जाए। कार्यक्रम में प्रवीण स्वामी गौ रक्षा दल, विनोद सिंघानिया विश्व हिंदू परिषद, जयराज जांगिड़, महेश बसावतिया, वशिष्ठ शर्मा, ताराचंद भोड़कीवाला, रामानंद पाठक, अनूप गाडिया, योगेंद्र सिंह सैनी, राकेश सहल, सम्पत पुरोहित, अंजनी जालान, सुभाष जालान, रमेश कुमार, अमृत जोशी, संजीव मोदी, शशिकांत चनानिया, नरेंद्र सिंह शेखावत, अशोक कुमावत, कुंदन प्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में संत, गौभक्त एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संगोष्ठी का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि गौमाता के सम्मान, संरक्षण और संवैधानिक अधिकारों की मांग को जन-जन तक पहुंचाकर राष्ट्रव्यापी जनजागरण का स्वर दिया जाएगा।











