एक महीने से परिवार को मिल रही जान से मारने की धमकियां
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शहर का एक किराना व्यापारी पिछले करीब एक महीने से साइबर अपराधियों की धमकियों और ब्लैकमेलिंग से दहशत में जीवन जीने को मजबूर है। व्यापारी का आरोप है कि बदमाश 20 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहे हैं और रुपए नहीं देने पर उसके परिवार की महिलाओं की तस्वीरों को एआई तकनीक से अश्लील बनाकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल कर रहे हैं। गंभीर आरोप यह भी है कि बार-बार शिकायत और एसपी के निर्देशों के बावजूद झुंझुनूं कोतवाली थाना पुलिस ने अब तक न तो एफआईआर दर्ज की है और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई की है। पीड़ित व्यापारी राकेश टेकड़ीवाल ने बताया कि 24 मई की रात करीब एक बजे उनके व्हाट्सएप पर ऑडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने 20 लाख रुपये की मांग की। शुरुआत में उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। इसके बाद लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल कर रंगदारी मांगी जाने लगी। राकेश का आरोप है कि साइबर अपराधियों ने उनके परिवार की महिलाओं व अन्य सदस्यों की तस्वीरों का एआई के माध्यम से दुरुपयोग कर अश्लील और आपत्तिजनक फोटो तैयार कीं। इतना ही नहीं, परिवार की महिलाओं की तस्वीरों को परिवार के ही अन्य पुरुष सदस्यों के साथ जोड़कर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर रिश्तेदारों, परिचितों और मित्रों को भेजा जा रहा है। व्यापारी के बारे में भी सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की जा रही हैं। जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित है। पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उन्होंने 3 जून को झुंझुनूं कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 11 जून को एसपी को शिकायत दी गई। तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 22 जून को वे फिर से एसपी से मिले। जिस पर एसपी ने शहर कोतवाल को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही मामले की जांच शुरू हुई। व्यापारी ने बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में है। उन्होंने संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर दिया है। उनका बेटा भी सामान्य कामकाज छोड़कर हर समय व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर नजर रखता है कि कहीं परिवार के बारे में फिर कोई आपत्तिजनक सामग्री वायरल तो नहीं हो गई। व्यापारी का दावा है कि इस दौरान उन्होंने दो-तीन संदिग्ध व्यक्तियों के नाम और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने मामले में शहर कोतवाल श्रवण मील से बात करने को कहा। वहीं शहर कोतवाल श्रवण मील ने इस मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया। ऐसे में एक महीने से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारी और उसका परिवार कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
देर रात एफआईआर दर्ज, आज व्यापारियों की बैठक होगी
मामला मीडिया में आने के बाद कोतवाली पुलिस ने करीब एक महीने बाद देर रात को अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच एएसआई मुलायम सिंह को सौंपी गई। वहीं इसी मामले में शनिवार को शाम पांच बजे श्री गल्ला व्यापार संघ ने अपने कार्यालय में विशेष बैठक बुलाई है। जिसमें व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में चर्चा करके व्यापारी निर्णय करेंगे। इस बैठक में वस्तुओं के तौल को लेकर सरकार द्वारा लिए गए नए निर्णय पर भी चर्चा होगी।










