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उद्यान विभाग को मिला आधुनिक भवन, किसानों को मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन का नया केंद्र , वंदे गंगा अभियान के तहत किसान

संगोष्ठी में जल संरक्षण का संदेश, विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा— पानी बचाना बने जनआंदोलन और जीवनशैली

झुंझुनूं I अजीत जांगिड़
जिले के कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन महत्वपूर्ण साबित हुआ, जब उद्यान विभाग के उप निदेशक कार्यालय को अपना नया एवं स्थायी भवन मिल गया। छह कमरों और एक विशाल हॉल से सुसज्जित आधुनिक भवन का लोकार्पण विधायक राजेंद्र भांबू तथा जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर जल संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों पर मंथन किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि नए भवन के निर्माण से उद्यान विभाग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और किसानों को योजनाओं, तकनीकी जानकारी तथा विभागीय सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता से मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ किसानों और विभाग के बीच सीधा संवाद स्थापित करने में यह भवन मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण संतुलन और जल संवर्धन में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने आह्वान किया कि जल संरक्षण को किसी अभियान की अवधि तक सीमित न रखकर हर व्यक्ति अपनी दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बनाए। जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने कहा कि नया भवन किसानों के लिए बेहतर सुविधाओं का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसका विवेकपूर्ण उपयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि आज पानी बचाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ का दिया संदेश

कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रगतिशील किसान संगोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ की अवधारणा से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक सिंचाई तकनीकों के माध्यम से कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

आधुनिक तकनीकों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

समारोह में लघु एवं सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों तथा सौर ऊर्जा संयंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। किसानों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर जल संरक्षण और कृषि नवाचारों से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले किसानों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

पौधारोपण और चंदन वितरण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही किसानों को चंदन के पौधे वितरित किए गए। दीपिका नर्सरी, सोलाना की ओर से उपलब्ध कराए गए चंदन के पौधों को किसानों ने उत्साहपूर्वक ग्रहण किया। इस अवसर पर उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. विजयपाल कस्वा, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजेंद्र लांबा, सहायक निदेशक सुमन कस्वा, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दयानंद, कृषि विस्तार उपनिदेशक डॉ. संध्या ढाका, कृषि अधिकारी डॉ. सुनील कुमार खालिया, डॉ. मुकेश चाहर, डॉ. रवि रेपसवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक बृजेंद्र राठौड़ , वंदे गंगा अभियान के समन्वयक विशंभर पूनिया, संयोजक राकेश शर्मा, अरूणा सिहाग, दलिप सैनी, सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अरविंद फगेड़िया ने किया। नया भवन, जल संरक्षण का संदेश और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी—इन तीनों पहलुओं ने कार्यक्रम को किसानों के लिए ज्ञान, प्रेरणा और विकास का प्रभावी मंच बना दिया।

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