झुंझुनूं में बिजली कर्मचारियों का शक्ति प्रदर्शन, सरकार को दी आर-पार की चेतावनी; 10 जून को जयपुर महापड़ाव का ऐलान
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
राजस्थान के बिजली कर्मचारियों ने अब अपनी लंबित मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ ( बीएमएस ) के आह्वान पर बुधवार को झुंझुनूं स्थित अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई ) कार्यालय पर जिलेभर के तकनीकी और मंत्रालयिक कर्मचारियों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। हजारों कर्मचारियों की मौजूदगी से जयपुर रोड स्थित विद्युत निगम कार्यालय परिसर नीली वर्दीधारी कर्मचारियों से पट गया। कर्मचारियों ने “जब-जब श्रमिक जागा है, सिंहासन डोला है” जैसे गगनभेदी नारों के बीच सरकार और निगम प्रबंधन को साफ चेतावनी दी कि यदि 27 सूत्री मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो पूरा राजस्थान अंधेरे में डूब सकता है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों का गुस्सा साफ नजर आया। महासंघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और निगम प्रशासन लगातार वार्ताओं के बावजूद केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि धरातल पर कर्मचारियों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्षों से जोखिम भरे हालात में काम कर रहे हैं, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा के नाम पर केवल उपेक्षा मिल रही है। प्रदर्शन में कर्मचारियों ने बिजली क्षेत्र में निजीकरण और क्लस्टर-फ्रेंचाइजी मॉडल का खुलकर विरोध किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। महासंघ ने पुरानी पेंशन योजना ( ओपीएस ) की विसंगतियां दूर करने, ईपीएस -95 में कटौती बंद करने, संविदा कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा तकनीकी कर्मचारियों को “हाई ड्यूटी अलाउंस” देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।कर्मचारियों ने निगम के कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राज्य सरकार की तर्ज पर आरजीएचएस मेडिकल सुविधा देने, अनलिमिटेड इलाज सुविधा लागू करने और लंबे समय से अटकी पदोन्नतियां शीघ्र करने की मांग रखी। साथ ही रिक्त पदों पर नियमित भर्ती निकालने की भी मांग की गई।
20 मई तक अल्टीमेटम, फिर जयपुर कूच
महासंघ ने सरकार को 20 मई 2026 तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो डिस्कॉम मुख्यालयों पर विशाल धरना शुरू किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 10 जून 2026 को जयपुर स्थित विद्युत भवन पर प्रदेशव्यापी महापड़ाव होगा, जिसमें हजारों बिजली कर्मचारी भाग लेंगे।
महासंघ के महामंत्री ने दो टूक कहा
“अब आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए। अगर सरकार नहीं चेती तो जयपुर कूच होगा और पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।”
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