साइनाइड बम की धमकी से दहला झुंझुनूं

पासपोर्ट सेवा केंद्र को चौथी बार मिला धमकी भरा ईमेल, 12:15 बजे धमाके का अल्टीमेटम; कर्मचारियों को बाहर निकालकर चला घंटों सर्च ऑपरेशन

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
शहर के पासपोर्ट सेवा केंद्र ( पीएसके) को बुधवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। इस बार धमकी में “साइनाइड जहरीली गैस” से भरे बम लगाए जाने का दावा किया गया, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया। ईमेल मिलते ही पूरे कार्यालय को तत्काल खाली कराया गया और पुलिस, जिला विशेष शाखा ( डीएसबी ) तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सुबह करीब 11:32 बजे मिले ईमेल में दावा किया गया कि पासपोर्ट ऑफिस में साइनाइड गैस से भरे बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करेंगे। मेल में कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकालने की चेतावनी भी दी गई थी। धमकी भरा यह मेल ‘सुभाष चंद्र मीणा’ नाम की आईडी से भेजा गया और इसमें राजस्थान के विभिन्न पोस्टमास्टर जनरल कार्यालयों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी मार्क किया गया था।

“सिर्फ झुंझुनूं नहीं, पूरे देश के पासपोर्ट ऑफिस निशाने पर”

ईमेल की भाषा ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी। मेल में दावा किया गया कि हमला केवल झुंझुनूं तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के पासपोर्ट कार्यालयों को ध्यान में रखकर योजना बनाई गई है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए। धमाके के लिए दोपहर 12:15 बजे का समय दिए जाने के कारण पासपोर्ट कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों ने बिना देर किए कार्यालय के गेट बंद कर दिए और सभी स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कामकाज पूरी तरह रोक दिया गया, जिससे कार्यालय के बाहर आवेदकों और ग्राहकों की भीड़ जमा हो गई।सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, जिला विशेष शाखा और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे परिसर की बारीकी से जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने हर कमरे, रिकॉर्ड सेक्शन और परिसर के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री या गैस रिसाव नहीं मिला। मौके पर प्रशासनिक मंडल कार्यालय से सत्येंद्र सिंह मील और रमेश कुमावत, पासपोर्ट कार्यालय से लोकेश कुमार और कामिल हुसैन मौजूद रहे। वहीं कोतवाली पुलिस से हेड कॉन्स्टेबल सुनीता, शुभकरण सिंह, महिला कॉन्स्टेबल नेहा तथा डीएसबी से एएसआई राकेश मील और हेड कॉन्स्टेबल सुनील कुलहरी ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में यह चौथी बार है जब झुंझुनूं के पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। हालांकि पहले के सभी मामले जांच में फर्जी निकले थे, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब ईमेल भेजने वाले की पहचान और उसके नेटवर्क की जांच में जुट गई है।

लगातार धमकियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

बार-बार एक ही सरकारी संस्थान को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था और साइबर मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन अब इस पूरे मामले को साइबर आतंक और अफवाह फैलाने की गंभीर श्रेणी में मानकर जांच कर रहा है।

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